Explainer: गंदी रसोई और खराब खाने पर क्या कहता है FSSAI का कानून? रेस्तरां के खिलाफ क्या हो सकती है कार्रवाई

FSSAI Penalty for Restaurants: रेस्तरां में सड़ा या असुरक्षित खाना परोसने पर FSSAI के तहत भारी जुर्माना और जेल हो सकती है। जानिए खराब भोजन, गंदी रसोई और बिना लाइसेंस पर क्या कार्रवाई होगी।
FSSAI Penalties Food Safety
खाद्य सुरक्षा को लेकर FSSAI सख्त (AI जनरेटेड इमेज)
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FSSAI Penalties Food Safety: महाराष्ट्र कैडर के आईएएस ऑफिसर तुकराम मुंढे का नाम पिछले कुछ दिनों से चर्चा में बना हुआ है। मुंढे इस समय मुंबई खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर के पद पर तैनात है और उन्होंने मुंबई के नामचीन रेस्तरां से लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट की कैंटीन तक पर छापेमारी करके खराब खाने को लेकर सख्त एक्शन लिया है। 

 तुकराम मुंढे की के देखा-देखी केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देश कई दूसरे राज्यों में भी खाद्य सुरक्षा अधिकारी एक्शन मोड में आ गए हैं। इसका ताजा उदाहरण बेंगलुरु में देखने को मिली। यहां अधिकारियों ने कई होटल्स और रेस्तरां में छापेमारी की जहां उन्हें खराब खाना, एक्सपायर हो चुका दूध, दही, पनीर, इस्तेमाल किया हुआ तेल और सड़ा हुआ चिकन और बीफ मिला। इसके बाद इन होटलों और रेस्तरां पर कार्रवाई की गई है। आइए आपको बताते हैं कि अगर कोई रेस्तरां ग्राहकों को सड़ा हुआ खाना परोसता है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जा सकती है? 

सड़ा हुआ खाना परोसने पर सजा और जुर्माना? 

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) 2006 के तहत किसी भी होटल या रेस्तरां में ग्राहकों को सड़ा हुआ खाना परोसना एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इसके लिए 6 महीने से लेकर उम्र कैद की सजा और एक लाख से 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि यह जुर्म की प्रकृति के हिसाब से तय होता है। लेकिन हर खराब स्वाद वाले खाने को अपराध नहीं माना जाता और इसे लेकर FSSA में पहले से नियम तय है। इसके अलावा सजा से पहले कुछ और चीजों को भी ध्यान में रखा जाता है। 

खाद्य सुरक्षा कानून के तहत असुरक्षित भोजन

FSSAI के तहत सड़ा हुआ खाना उसे कहा जा सकता है कि, जिसमें बदबू हो, फफूंद हो, कीड़े हो, रंग असामान्य हो, सब्जी गल चुकी हो, खाना बहुत पुराना हो उससे गलत तापमान पर रखा गया हो। हालांकि हर बासी खाने को गैरकानूनी नहीं माना जाता है। जब तक वह खाने लायक नहीं है, इसके स्वास्थ्य के नुकसान का खतरा न हो या उससे किसी प्रकार का संक्रमण का खतरा न हो। 

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FSSAI के तहत सड़ा खाना परोसना गंभीर अपराध(सोर्स- सोशल मीडिया)

ऐसा इसलिए क्योंकि भारत में ऐसे कई पकवान परोसे जाते हैं जिसमें डाली वाली चीजों को कुछ घंटों या दिनों के लिए फ्रिज या कोल्ड स्टोरेज में रखा जाता है। खाने में एक ही तेल के बार-बार इस्तेमाल किए जाने को खतरनाक माना जाता है। इसके अलावा रसोई में गंदगी, खुले कूड़ेदान, चूहे, गंदा पानी और बिना ढके खाद्य पदार्थ खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की जांच का आधार बन सकते हैं।  

गंदी रसोई पर कितना जुर्माना?

खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम की धारा 56 के तहत गंदी या अस्वच्छ परिस्थितियों में खाना तैयार कर ग्राहकों को परोसने पर रेस्तरां के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। इसके लिए ग्राहक का बिमार होना जरूरी नहीं है। केवल गंदगी और खराब साफ-सफाई भी नियमों के उल्लंघन के लिए पर्याप्त आधार हो सकती है। अगर रसोई में कीड़े-मकौड़े पाए जाएं, बर्तन गंदे हों, खाद्य सामग्री या स्टॉक सड़ा हुआ हो, मांस या सब्जियां खुले में रखी हों या साफ पानी की व्यवस्था न हो, तो इसे खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन माना जा सकत है। इस परिस्थिति में रेस्तरां पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

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रेस्तरां की रसोई गंदी होने पर लगाया जा सकता है 1 लाख रुपये तक का जुर्माना (सोर्स- सोशल मीडिया)

इसी प्रकार अगर किसी रेस्तरां द्वारा परोसे जाने वाला खाना निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो इसे सब-स्टैंडर्ड फूड का मामला माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में अधिनियम की धारा 51 लागू हो सकती है। इसमें रेस्तरां पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके लिए किसी ग्राहक का खाना खा कर बीमार होना जरूरी नहीं है। इसमें खाने की खराब गुणवत्ता ही जुर्माना लगाए जाने के लिए काफी है।  

स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले खाने पर सजा

इस परिस्थिति में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम की धारा 59 लागू होती है। इसमें रेस्तरां के खिलाफ सजा की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि ग्राहक को असुरक्षित भोजन से कितना नुकसान पहुंचा है। हालांकि अगर असुरक्षित भोजन से किसी को कोई नुकसान नहीं भी हुआ हो, तब भी दोषी पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना या छह महीने तक की जेल हो सकती है। जबकि अगर ग्राहक को असुरक्षित खाना खाने से सामान्य बीमारी हुई हो, तो एक साल की जेल या तीन लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, गंभीर बीमारी के मामले में सजा भी बढ़ जाती है। ऐसे मामलों में तो छह साल तक की जेल और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।


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जुर्म के प्रकृति पर तय होती है सजा (AI जनरेटेड इमेज)

इसके अलावा यदि असुरक्षित भोजन से किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो कानून में सबसे कड़ी सजा का प्रावधान है। दोषी को कम से कम सात साल की जेल हो सकती है, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, कम से कम दस लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

FSSAI लाइसेंस नहीं होने पर भी कार्रवाई

हर खाद्य कारोबार के लिए उसके आकार और प्रकृति के मुताबिक FSSAI पंजीकरण या लाइसेंस लेना जरूरी होता है। बिना आवश्यक लाइसेंस के रेस्तरां चलाने पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम की धारा 63 के तहत कार्रवाई हो सकती है। इसमें छह महीने तक की जेल और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। 


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रेस्तरां की जांच करते अधिकारी (सोर्स- सोशल मीडिया)

रेस्तरां का लाइसेंस कब रद्द करती है FSSAI? 

खाद्य सुरक्षा अधिकारी रेस्तरां का निरीक्षण कर सकता है, भोजन के नमूने ले सकता है और जरूरी रिकॉर्ड की जांच कर सकता है। नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा सकता है। गंभीर अनियमितता मिलने पर सुधार के निर्देश, कारोबार बंद करने, खाद्य सामग्री जब्त करने या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। बार-बार नियमों का उल्लंघन होने पर लाइसेंस निलंबन या रद्दीकरण जैसी कार्रवाई हो सकती है।

ग्राहक मुआवजा कैसे मांग सकता है?

यदि रेस्तरां का खाना खाने के बाद ग्राहक को फूड पॉइजनिंग हुई, इलाज का खर्च या अन्य नुकसान हुआ, तो वह उपभोक्ता आयोग में शिकायत कर सकता है। मामले के आधार पर इलाज का खर्च, मानसिक परेशानी, रिफंड और मुकदमे से जुड़े खर्च की भरपाई मांगी जा सकती है। मुआवजे की राशि मामले के तथ्यों और उपलब्ध सबूतों पर निर्भर करती है।

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शिकायत कहां कर सकते हैं? 

ग्राहक FSSAI के Food Safety Connect पोर्टल या ऐप के जरिए खाद्य सुरक्षा संबंधी शिकायत दर्ज कर सकता है। शिकायत संबंधित राज्य प्राधिकरण तक भेजी जा सकती है और उसकी स्थिति भी ट्रैक की जा सकती है। 

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