EVM आसानी से हो सकती है हैक! सबूत भी आया सामने, खुफिया एजेंसी के खुलासे से दुनियाभर में हड़कंप

EVM Controversy: चुनाव आयोग में उच्च पदस्थ तकनीकी विशेषज्ञ सूत्रों के मुताबिक विशिष्ट क्षमता वाली EVM न तो किसी प्रकार के नेटवर्क (जैसे इंटरनेट, वाई-फाई या इन्फ्रारेड) से जुड़ी होती है।
EVM आसानी से हो सकती है हैक! सबूत भी आया सामने, खुफिया एजेंसी के खुलासे से दुनियाभर में हड़कंप
EVM आसानी से हो सकती है हैक! सबूत भी आया सामने, खुफिया एजेंसी के खुलासे से दुनियाभर में हड़कंप
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नवभारत डेस्क: अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड के इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम को लेकर की गई टिप्पणियों से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVMs) की विश्वसनीयता को लेकर दुनियाभर में बहस तेज हो गई है। तुलसी गबार्ड ने सामान्य इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पास ऐसे सबूत हैं, जो दिखाते हैं कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम हैकिंग तथा वोटों में हेरफेर के लिए लंबे समय से असुरक्षित रहे हैं।

गबार्ड ने आगे कहा कि हमारे पास प्रमाण हैं कि यह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम लंबे समय से हैकर्स के लिए आसान रहे हैं। इनके माध्यम से मतदान के परिणामों में हेरफेर किया जा सकता है, ये इस बात को और मज़बूती देता है कि पूरे देश में पेपर बैलेट की व्यवस्था लागू की जाए, जिससे मतदाता चुनावों की पारदर्शिता और ईमानदारी पर विश्वास कर सकें। इससे पहले अमेरिकी बिजनेसमैन एलन मस्क ने भी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की आलोचना और पेपर बैलेट की वकालत की थी।

भारत में भी उठ रहे सवाल

वहीं, भारत में निर्वाचन आयोग ने सर्वेच्च अदालत में भी यह स्पष्ट किया कि चुनावों के दौरान विभिन्न चरणों पर सियासी दलों द्वारा इन EVM की जांच की जाती है। निर्वाचन आयोग ने ये भी बताया कि अब तक 5 करोड़ से अधिक VVPAT पर्चियों का EVM के आंकड़ों से मिलान किया जा चुका है। उनमें कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है।

भारत में नहीं है कोई खतरा

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) ‘‘सुरक्षित'' हैं और इनसे ‘‘छेड़छाड़'' करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत में इस्तेमाल की जाने वाली ईवीएम को इंटरनेट, ब्लूटूथ या इंफ्रारेड से नहीं जोड़ा जा सकता और इसके साथ छेड़छाड़ करना किसी भी तरह से संभव नहीं है। देश की अन्य ख़बरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

झारखंड पहुंचे ज्ञानेश कुमार

झारखंड के रामगढ़ जिले में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा, ‘‘ईवीएम की कानूनी पड़ताल की जा चुकी है। भारत में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम को न तो इंटरनेट, ब्लूटूथ या इंफ्रारेड से जोड़ा जा सकता है। ईवीएम को किसी भी तरह से किसी चीज से नहीं जोड़ा जा सकता। इसके साथ छेड़छाड़ करना संभव नहीं है। इसलिए, भारत की ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं।'' झारखंड के तीन दिवसीय दौरे पर शुक्रवार शाम को कुमार रांची पहुंचे। शनिवार को सीईसी ने रामगढ़ में 55 ‘वॉलेंटियर' से बातचीत की, जिन्होंने पिछले साल लोकसभा और विधानसभा चुनावों में हिस्सा लिया था।

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