

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के खिलाफ मालदीव (Maldives) के मंत्रियों की अपमानजनक टिप्पणियों के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया है। इसी बीच इजरायल (Israel) भारत के समर्थन में उतर आया और लक्षद्वीप की प्राकृतिक खूबसूरती की सराहना की। साथ ही उसने लक्षद्वीप में समुद्री पानी को साफ करके पिने योग्य बनाने की परियोजना पर काम शुरू करने का ऐलान कर दिया।
भारत में इजरायली दूतावास ने एक्स पर लक्षद्वीप की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, "डिसेलिनेशन कार्यक्रम शुरू करने के संघीय सरकार के अनुरोध पर हम पिछले साल लक्षद्वीप में थे। इज़राइल कल से इस परियोजना पर काम शुरू करने के लिए तैयार है। ये तस्वीरें उन लोगों के लिए है, जो अभी तक लक्षद्वीप द्वीप समूह की प्राचीन और राजसी पानी के नीचे की सुंदरता को नहीं देख पाए हैं, यहां इस द्वीप के मनमोहक आकर्षण को दर्शाने वाली कुछ तस्वीरें हैं।"
बता दें कि लक्षद्वीप एक द्वीप है। वहां पीने का पानी नहीं है। जबकि, इजरायल के पास समुद्र के खारे पानी को पिने योग्य बनाने की तकनीक है, जिसे डिसेलिनेशन कहते हैं। लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए डिसेलिनेशन तकनीक को काफी अहम माना जा रहा है। पिने का पानी उपलब्ध होने से यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचेंगे।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लक्षद्वीप का दौरा किया था। वह कई परियोजनाओं का उद्घाटन करने के लिए दो और तीन जनवरी को लक्षद्वीप में थे। मोदी ने लक्षद्वीप द्वीप समूह की अपनी यात्रा के दौरान समुद्र के नीचे के जीवन का पता लगाने के लिए 'स्नॉर्कलिंग' का लुत्फ उठाया। मोदी ने 'एक्स' पर समुद्र के नीचे का जीवन पता लगाने संबंधी तस्वीरें पोस्ट कीं और अरब सागर में स्थित द्वीपों में प्रवास के अपने 'उत्साहजनक अनुभव' को साझा किया। उन्होंने लिखा, "जो लोग रोमांचकारी अनुभव लेना चाहते हैं, लक्षद्वीप उनकी सूची में जरूर होना चाहिए। मेरे प्रवास के दौरान, मैंने स्नॉर्कलिंग की भी कोशिश की। यह कितना उत्साहजनक अनुभव था!"
पीएम मोदी के इस पोस्ट को लेकर मालदीव के मंत्रियों ने अपमानजनक टिप्पणियां की। मरियम शिउना ने टिप्पणी करते हुए पीएम मोदी को 'जोकर' और 'इजरायल की कठपुतली' कह दिया था। भारतीयों की ओर से शिउना की इस अभद्र टिप्पणी का जोरदार विरोध किया गया। बाद में उन्होंने अपने ट्वीट को डिलीट कर दिया।
पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के चलते भारत में बॉयकॉट मालदीव ट्रेंड कर रहा है। बॉलीवुड अभिनेताओं और खिलाड़ियों सहित कई भारतीय हस्तियों ने मालदीव और उसके पर्यटन स्थलों के बहिष्कार करने और लक्षद्वीप के पर्यटन को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
उधर, भारत की ओर से जारी विरोध के बाद मालदीव सरकार ने पीएम मोदी के खिलाफ मंत्रियों के आपत्तिजनक बयान से खुद को अलग करते हुए तीन मंत्रियों को कैबिनेट से निलंबित कर दिया। मालदीव सरकार ने एक बयान में कहा, “राय व्यक्तिगत हैं और मालदीव सरकार के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं।” बयान में कहा गया, “सरकार का मानना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रयोग लोकतांत्रिक और जिम्मेदार तरीके से किया जाना चाहिए, और ऐसे तरीकों से किया जाना चाहिए जो नफरत, नकारात्मकता न फैलाएं और मालदीव और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के बीच घनिष्ठ संबंधों में बाधा न डालें।” बयान में कहा गया, “सरकार के संबंधित अधिकारी ऐसी अपमानजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेंगे।”