

Dharmendra Pradhan at Parliament Monsoon Session: दिल्ली में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान संसद पहुंचे। मानसून सत्र के दौरान संसद पहुंचते ही पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का भारतीय जनता पार्टी के सांसदों ने स्वागत किया। इस दौरान सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद के नारे भी लगाए। एनडीए के सांसदों ने मकर द्वार पर उनका स्वागत किया।
संसद के मकर द्वार पर ही कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्ष के कई सांसद भी विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। विपक्षी सांसद जंतर-मंतर पर CJP प्रोटेस्ट में छात्रों पर हुई क्रूरता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। यहीं पर दूसरी और धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद के नारे लगाए गए।
पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आज पहली बार संसद में लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई। मानसून सत्र में शामिल होने के लिए जैसे ही धर्मेंद्र प्रधान संसद पहुंचे तो वहां एनडीए और भाजपा के सांसदों को पहले से ही जमावड़ा लगा हुआ था। मकर द्वार पर एनडीए और भाजपा के सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान को पारंपरिक पाग पहनाकर उनका स्वागत किया। इसी दौरान धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद के नारे भी खूब लगाए।
नीट पेपर लीक मामले में इस्तीफे के बाद सरकार ने यह बात तो साफ कर दी कि सरकार इस मामले में धर्मेंद्र प्रधान को गुनहगार नहीं मानती। इसलिए संसद पहुंचते ही पार्टी ने शॉल देकर उनका स्वागत किया और विपक्ष पर निशाना साधा।
वहीं लोकसभा में आज भी कार्यवाही शुरू होते ही हंगामे के कारण स्थगित हो गई छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर सदन में हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
केंद्र सरकार सोमवार को संसद में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पेश करेगी। पेपर लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं में अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लाया जा रहा यह विधेयक सरकार के विधायी एजेंडे का हिस्सा है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह यह विधेयक सदन में पेश करेंगे। इसका उद्देश्य 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' में संशोधन करना है। सरकार इस संबंध में पहले ही अधिसूचना जारी कर चुकी है।
प्रस्तावित संशोधन के जरिए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता को मजबूत करने तथा छात्रों के हितों की रक्षा के लिए कानूनी प्रावधानों को और कठोर बनाने का प्रस्ताव है। इसके तहत पेपर लीक और परीक्षा संबंधी गंभीर अपराधों के लिए 10 वर्ष तक के कारावास, 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने, दोषियों की संपत्ति जब्त करने तथा मामलों के तीन महीने के भीतर निस्तारण का प्रावधान किया गया है।