भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर दिल्ली में जुटेगा देशभर का आदिवासी समाज, मुख्य अतिथि होंगे अमित शाह

Amit Shah Tribal Event Delhi: दिल्ली के लाल किले पर जुटेगा देश भर का आदिवासी समाज। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर भव्य समागम में मुख्य अतिथि होंगे गृह मंत्री अमित शाह।
The tribal community from across the country will gather in Delhi on the 150th birth anniversary of Bhagwan Birsa Munda; Amit Shah will be the Chief Guest.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Janjatiya Sanskritik Samagam Red Fort: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला परिसर में आयोजित होने वाले एक भव्य 'जनजाति सांस्कृतिक समागम'  में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह आयोजन आदिवासी नायक भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। इस विशाल सांस्कृतिक समागम में देश भर की 550 से ज्यादा जनजातीय समुदायों से लगभग 1.5 लाख प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।

इस कार्यक्रम का आयोजन जनजातीय पहचान, स्वदेशी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाने के साथ-साथ भारत के इतिहास और राष्ट्र-निर्माण में जनजातीय समुदायों के योगदान को सम्मानित करने के लिए किया जा रहा है।

पांच अलग-अलग स्थानों से निकलेगी शोभायात्रा

समागम से पहले दिल्ली के श्याम गिरि मंदिर में एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक हुई। इसमें आयोजकों और समुदाय के प्रतिनिधियों ने भागीदारी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। इस समागम का आयोजन 'जनजाति सुरक्षा मंच' द्वारा किया जा रहा है और उम्मीद है कि यह राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित होने वाले सबसे बड़े जनजातीय समागमों में से एक होगा। आयोजकों ने बताया कि पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे जनजातीय पुरुषों और महिलाओं की रंगारंग सांस्कृतिक शोभायात्राएं, जिनमें वे अपने पारंपरिक वाद्ययंत्र लिए होंगे, दिल्ली के पांच अलग-अलग स्थानों से शुरू होकर अंत में लाल किले पर बने मुख्य स्थल पर एकत्रित होंगी।

100 विशिष्ट जनजातीय हस्तियां होंगी सम्मानित

इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के जनजातीय समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को दर्शाने वाले जनजातीय लोक नृत्य, पारंपरिक संगीत, हस्तशिल्प और प्रदर्शनियां भी प्रस्तुत की जाएंगी। इस कार्यक्रम के दौरान खेल, शिक्षा, समाज सेवा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों से जुड़ी लगभग 100 विशिष्ट जनजातीय हस्तियों को भी सम्मानित किए जाने की उम्मीद है।

पहली बार देशभर से आदिवासी होंगे शामिल

आयोजकों ने कहा कि यह पहली बार होगा, जब पूरे भारत के दूरदराज के वन और पहाड़ी क्षेत्रों से इतनी बड़ी संख्या में जनजातीय प्रतिभागी, इस पैमाने के किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए राष्ट्रीय राजधानी में एकत्रित होंगे।

कार्यक्रम के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए, कई समितियों के साथ-साथ लगभग 20 विभागों को प्रमुख व्यवस्थाओं के प्रबंधन हेतु तैनात किया गया है। इन व्यवस्थाओं में दिल्ली के विभिन्न स्थलों पर आवास, परिवहन, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधाएं, सुरक्षा और स्वच्छता शामिल हैं।

राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में दिखाने का आग्रह

मीडिया संगठनों से इस समागम को व्यापक कवरेज देने का आग्रह किया गया। साथ ही इसे भारत के जनजातीय समुदायों की एकता, सांस्कृतिक गौरव और समृद्ध परंपराओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत करें।

भगवान बिरसा मुंडा को भारत के सबसे सम्मानित जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों में से एक के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक बड़े प्रतिरोध आंदोलन का नेतृत्व किया और जनजातीय आस्था, पहचान और परंपराओं की रक्षा के लिए संघर्ष किया।

एजेंसी इनपुट के साथ...

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