BIG BREAKING: दिल्‍ली-एनसीआर में रुक-रुककर आ रहे भूकंप के तेज झटके, खतरे में लाखों जिंदगियां

Delhi NCR Earthquake Latest News: दिल्‍ली एनसीआर में भूंकप के तेज झटके महसूस किए गए. इस भूकंप का केंद्र भारत का पड़ोसी देश म्‍यांमार रहा।
दिल्‍ली-एनसीआर में रुक-रुककर आ रहे भूकंप के झटके, लोगों में फैली दहशत, कहां रहा केंद्र
दिल्‍ली-एनसीआर में रुक-रुककर आ रहे भूकंप के झटके (File Photo)
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नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार दोपहर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रुक-रुक कर झटके महसूस किए जा रहे हैं। इसका केंद्र म्यांमार बताया जा रहा है। वहां भूकंप की तीव्रता 7.2 रही। पश्चिम बंगाल से लेकर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के बाद लोगों में दहशत का माहौल देखा गया।

ऊंची इमारतों में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा तनाव में दिखे। वे तेजी से खुली जगहों की ओर भागते नजर आए। शुक्र है कि भारत में इसका असर म्यांमार और बांग्लादेश जितना तेज नहीं रहा। इस भूकंप का असर भारत के उत्तर-पूर्व में भी काफी तेज रहा। मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा, असम और सिक्किम में लोगों ने भूकंप के काफी तेज झटके महसूस किए।

पिछले महीने भी आया था भूकंप 

पिछले महीने दिल्ली के बाद उत्तर प्रदेश के 7 जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिएक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4 मापी गई। जिन सात जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए उनमें आगरा, मथुरा, मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, नोएडा, गाजियाबाद शामिल हैं। भूकंप के झटकों की टाइमिंग दिल्ली वाली है। यहां भी सुबह 5:36 कंपन महसूस किया गया। हालांकि अभी तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

भोर में जब भूकंप आया तो ज्यादतर लोग नींद की आगोश में थे। हालांकि झटका इतना प्रभावी जरूर था कि लोगों की नींद खुल जाए। गाजियाबाद के स्थानीय लोगों ने कहा- पहली बार इतना तेज झटका लगा। पूरा घर हिल रहा है। ट्रेन के डिब्बे जैसा वाइब्रेशन हुआ। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने X बताया कि भूकंप का केंद्र नई दिल्ली था। इसकी गहराई करीब 5 किलोमीटर थी।

भूकंप क्यों आता है?

हमारी धरती की सतह मुख्य तौर पर 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से मिलकर बनी है। ये प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं। टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्‍यादा दबाव पड़ने पर ये प्‍लेट्स टूटने लगती हैं। ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्‍ता खोजती है और इस डिस्‍टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

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