दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत याचिकाओं पर CBI से मांगा जवाब, कोचिंग सेंटर में छात्रों की मौत से जुड़ा है मामला

 मध्य दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में 27 जुलाई की शाम भारी बारिश के बाद ‘राउज आईएएस स्टडी सर्कल' कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर जाने से सिविल सेवा की तैयारी करने वाली उत्तर प्रदेश की श्रेया यादव, तेलंगाना की तान्या सोनी और केरल के नवीन डेल्विन की डूबने से मौत हो गई थी।
दिल्ली हाई कोर्ट- Delhi High Court
दिल्ली हाई कोर्ट (फोटो सौजन्य-सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने ओल्ड राजेंद्र नगर में कोचिंग सेंटर के बेसमेंट के सह-मालिकों की जमानत याचिकाओं पर गुरुवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जवाब मांगा है। मामले को लेकर बेसमेंट मालिक को गिरफ्तार किया गया था, जो अभी जेल में हैं। बीते महीने में इसी बेसमेंट में पानी भर जाने से सिविल सेवा की तैयारी करने वाले तीन छात्रों की डूबने से मौत हो गई थी।

दिल्ली हाई कोर्ट जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा ने बेसमेंट के सह-मालिक परविंदर सिंह, तजिंदर सिंह, हरविंदर सिंह और सरबजीत सिंह की जमानत याचिकाओं पर एजेंसी को नोटिस जारी किया और उससे जवाब देने को कहा। न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा, ‘‘यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थी।''

सीबीआई से मांगा जवाब

उन्होंने कहा कि मौजूदा मामला ‘‘कोई साधारण मामला नहीं है''। अदालत ने सीबीआई के वकील से बेसमेंट के सह-मालिकों की जवाबदेही के संदर्भ में ‘‘ठोस सबूत'' देने को कहा और घटना में मारे गए छात्रों में से एक के पिता को जमानत याचिकाओं पर ‘‘संक्षिप्त जवाब'' देने को कहा।

क्या है मामला

जानकारी के लिए बता दें कि मध्य दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में 27 जुलाई की शाम भारी बारिश के बाद ‘राउज आईएएस स्टडी सर्कल' कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर जाने से सिविल सेवा की तैयारी करने वाली उत्तर प्रदेश की श्रेया यादव (25), तेलंगाना की तान्या सोनी (25) और केरल के नवीन डेल्विन (24) की डूबने से मौत हो गई थी। मामले की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) समेत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत जांच की जा रही है।

CBI को सौंपी मामले की जांच

उच्च न्यायालय ने मामले की जांच का जिम्मा दिल्ली पुलिस से सीबीआई को सौंप दिया है। बेसमेंट के चारों सह-मालिकों ने दलील दी कि वे सिर्फ उस बेसमेंट के मालिक हैं जिसे कोचिंग सेंटर को किराए पर दिया गया था और इसलिए इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में उनकी कोई भूमिका नहीं है। इससे पहले एक निचली अदालत ने आरोपियों की जमानत याचिका यह कहकर खारिज कर दी थी कि सीबीआई जांच अभी शुरुआती चरण में है और मामले में उनकी विशिष्ट भूमिकाएं का पता लगाए जाने की जरूरत है। मामले में अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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