राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत की जांच में देरी क्यों? सावरकर के परिजनों ने उठाए सवाल

Rahul Gandhi and Veer Savarkar
Published on
Updated on

पुणे. हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर के पोते सात्यकी अशोक सावरकर ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ उनकी आपराधिक मानहानि शिकायत की जांच में पुणे पुलिस ने बहुत देरी की। पुलिस द्वारा दो अप्रैल को शिकायत पर रिपोर्ट सौंपने के लिए स्थानीय अदालत से और समय मांगे जाने के बाद उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि जांच में तेजी लाई जानी चाहिए। सात्यकी सावरकर ने पिछले अप्रैल में अदालत में एक शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में कांग्रेस नेता पर मार्च, 2023 में लंदन में एक भाषण के दौरान दिवंगत क्रांतिकारी के बारे में झूठे दावे करने का आरोप लगाया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गांधी ने अपने भाषण में दावा किया कि सावरकर ने एक किताब में लिखा था कि उन्होंने और उनके पांच-छह दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और उन्हें (सावरकर को) खुशी हुई थी। इसमें कहा गया है कि इस तरह की कोई घटना कभी नहीं हुई थी, और सावरकर ने कभी भी कहीं भी ऐसी कोई बात नहीं लिखी थी।

शिकायत में गांधी के आरोप को काल्पनिक, झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताया गया है। सात्यकी सावरकर ने बृहस्पतिवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अदालत ने पहले विश्रामबाग पुलिस से उनके द्वारा प्रस्तुत सबूतों को सत्यापित करने और 27 मई तक एक रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में, अदालत प्रारंभिक जांच के लिए कहती है और फिर निर्णय लेती है कि प्रथम सूचना रिपोर्ट (प्राथमिकी) दर्ज करने के लिए पर्याप्त आधार हैं या नहीं। सात्यकी ने कहा कि उन्होंने सबूत के तौर पर गांधी के लंदन में दिये गये भाषण का एक यूट्यूब लिंक दिया था।

उन्होंने पूछा, "अदालत ने इस साल जनवरी में आदेश जारी किए थे। देरी क्यों हो रही है? क्या ऐसा है कि यूट्यूब पुलिस के सवाल का जवाब नहीं दे रहा है, या पुलिस दबाव में है?" उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस समय पर अपनी जांच रिपोर्ट दाखिल करेगी। उनके वकील संग्राम कोल्हटकर ने कहा कि विश्रामबाग पुलिस ने दो अप्रैल को रिपोर्ट दाखिल करने के लिए और समय मांगा। पुलिस का दावा है कि उसे यूट्यूब से आवश्यक जानकारी नहीं मिली है।

सावरकर के वकील द्वारा प्रदान की गई आदेश की प्रति के अनुसार, अदालत ने पाया कि यूट्यूब से जानकारी मिलने की प्रतीक्षा की जा रही है, और पुलिस ने लोकसभा चुनाव के बाद की तारीख मांगी है। अदालत ने कहा कि इसके अनुसार समय दिया जा रहा है। आदेश में हालांकि अगली तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है। इस बीच, सत्यकी ने यह भी कहा कि वह महाराष्ट्र के गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस मुद्दे पर गौर करने की अपील कर रहे हैं ताकि वी डी सावरकर को न्याय मिल सके।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com