शब्बीर इब्राहिम कासकर की हत्या के बाद खूनी जंग
80 के दशक में दाऊद और पठान गैंग आमने-सामने थे, इसी बीच पठान गैंग ने शब्बीर इब्राहिम कासकर की हत्या कर दी। भाई की हत्या के बाद से ही दाऊद बौखला गया और उसने पठान गैंग से जुड़े लोगों की हत्या करनी शुरू कर दी। वहीं बढ़ती उम्र के कारण करीम लाला बीमार रहने लगा और इस बीच दाऊद की डी कंपनी तेजी से ताकतवर बनती गई। साल 1986 में दाऊद के गुर्गों ने शब्बीर इब्राहिम कासकर की हत्या का बदला लिया, उन्होंने करीम लाला के भाई रहीम खान को गोलियों से भून डाला। इसके बाद दाऊद अंडरवर्ल्ड का डॉन बनकर उभरा और 1993 सीरियल बम ब्लास्ट के बाद मोस्ट वांटेड आतंकवादी बन गया। जो फिलहाल पाकिस्तान में जाकर बस गया। वहीं दाऊद की पिटाई करने वाले करीम लाला की मौत 90 साल की उम्र में 2002 को हो गई।