
नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग आज यानी शुक्रवार 16 अगस्त दोपहर तीन बजे एक खास प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इस बाबत चुनाव आयोग ने दोपहर 3 बजे प्रेस कांफ्रेंस के जरिए दोनों राज्यों के चुनाव की जानकारी दी। जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद ये पहला विधानसभा चुनाव होगा।
Election Commission of India to announce the schedule for General Election to Legislative Assemblies, today. pic.twitter.com/EckI51NcMI
— ANI (@ANI) August 16, 2024
जानकारी दें कि निर्वाचन आयोग ने आज दोपहर करीब तीन बजे संवाददाता सम्मेलन के लिए मीडिया को जरुर आमंत्रण दिया है, जिसमें चुनावी तारीखों का ऐलान किया जाएगा, लेकिन मीडिया को यह नहीं बताया गया था कि कि किन-किन राज्यों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। हरियाणा और महाराष्ट्र की विधानसभाओं का कार्यकाल क्रमशः 3 नवंबर और 26 नवंबर को समाप्त हो रहा है। निर्वाचन आयोग की जम्मू-कश्मीर में भी विधानसभा चुनाव 30 सितंबर से पहले कराने की योजना है। यह समय सीमा उच्चतम न्यायालय ने तय की है। वहीं आयोग ने चुनाव संबंधी तैयारियों का जायजा लेने के लिए हाल में जम्मू-कश्मीर और हरियाणा का दौरा किया था, लेकिन उसने महाराष्ट्र का दौरा अभी तक नहीं किया है।
चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में विधानसभा के चुनाव के ऐलान न कराने को लेकर कहा कि वहां चुनाव त्योहारों के बाद कराए जाएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि महाराष्ट्र को लेकर अभी चुनाव कराने का फैसला नहीं लिया गया है, क्योंकि अक्टूबर में कई त्योहार भी इसी दौरान आने वाले हैं। पितृ पक्ष, नवरात्रि, दशहरा-दीपावली पड़ेंगे, इसलिए अभी इनका ऐलान नहीं हुआ है।
#WATCH | On being asked about Assembly Elections in Maharashtra, Chief Election Commissioner Rajiv Kumar says, "Last time, Maharashtra and Haryana Assembly elections were held together. At that time, J&K was not a factor but this time there are 4 elections this year and 5th… pic.twitter.com/PsrV0724BR
— ANI (@ANI) August 16, 2024
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि हरियाणा में 90 विधानसभा सीटों के लिए केवल एक चरण में मतदान कराया जाएगा। यह जम्मू कश्मीर के तीसरे फेज के साथ 1 अक्टूबर को संपन्न होगा। दोनों राज्यों की मतगणना एक साथ 4 अक्टूबर को कराई जाएगी। इसके बाद 6 अक्टूबर को चुनाव प्रक्रिया का समापन किया जाएगा।
#WATCH | Assembly Elections in Haryana: Chief Election Commissioner Rajiv Kumar says, "Assembly Elections will be held in one phase; voting on October 1. Counting of votes will take place on October 4" pic.twitter.com/U22qhG3uoR
— ANI (@ANI) August 16, 2024
मुख्य चुनाव आयुक्त ने जानकारी देते हुए बताया है कि जम्मू कश्मीर में विधानसभा के चुनाव 3 फेज में कराए जाएंगे, जिसमें पहला फेज 18 सितंबर को, दूसरा फेज का चुनाव 25 सितंबर को और तीसरे फेज का चुनाव 1 अक्टूबर को होगा।
वहीं हरियाणा में 90 विधानसभा सीटों के लिए केवल एक चरण में मतदान कराया जाएगा। यह जम्मू कश्मीर के तीसरे फेज के साथ 1 अक्टूबर को होगा। दोनों राज्यों की मतगणना 4 अक्टूबर को कराई जाएगी तथा 6 अक्टूबर को चुनाव प्रक्रिया का समापन किया जाएगा।
Assembly Elections in Jammu and Kashmir | Chief Election Commissioner Rajiv Kumar says, "Assembly Elections will be held in three phaseS; voting on September 18th, September 25th, and October 1st. Counting of votes will take place on October 4" pic.twitter.com/g4eqB62jjh
— ANI (@ANI) August 16, 2024
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार का कहना है कि हरियाणा में कुल 90 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें से 73 सामान्य, एससी-17 और एसटी-0 हैं। हरियाणा में कुल 2.01 करोड़ मतदाता होंगे, जिनमें से 1.06 करोड़ पुरुष, 0.95 करोड़ महिलाएं, 4.52 लाख पहली बार मतदाता और 40.95 लाख युवा मतदाता हैं। हरियाणा की मतदाता सूची 27 अगस्त 2024 को प्रकाशित की जाएगी।
#WATCH | Chief Election Commissioner Rajiv Kumar says, "There are a total of 90 assembly constituencies in Haryana, of which 73 are general, SC-17 and ST-0. There will be a total of 2.01 crore voters in Haryana, of which 1.06 crore are males, 0.95 crore are females, 4.52 lakhs… pic.twitter.com/IYOrODjrrE
— ANI (@ANI) August 16, 2024
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार का दावा है कि जम्मू-कश्मीर में कुल 90 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें से 74 सामान्य, एससी-7 और एसटी-9 हैं। जम्मू-कश्मीर में कुल 87.09 लाख मतदाता होंगे, जिनमें से 44.46 लाख पुरुष, 42.62 लाख महिलाएं, 3.71 लाख पहली बार मतदाता और 20.7 लाख युवा मतदाता हैं। अमरनाथ यात्रा 19 अगस्त को समाप्त होगी और 20 अगस्त को अंतिम मतदाता सूची भी प्रकाशित की जाएगी।
#WATCH | Chief Election Commissioner Rajiv Kumar says, "There are a total of 90 assembly constituencies in Jammu and Kashmir, of which 74 are general, SC-7 and ST-9. There will be a total of 87.09 lakh voters in Jammu and Kashmir, of which 44.46 lakh are males, 42.62 lakh are… pic.twitter.com/O4Nd8Go7Zc
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मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार का कहना है कि जम्मू कश्मीर के साथ-साथ हरियाणा में भी विधानसभा के चुनाव कराए जाएंगे। जम्मू कश्मीर की डिटेल जानकारी देने के बाद उन्होंने हरियाणा के भी आंकड़े शेयर किए हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार का कहना है कि हमने हाल ही में जम्मू-कश्मीर और हरियाणा का दौरा किया और इन जगहों पर चुनाव की तैयारियों का जायजा लिया। लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। वे चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेना चाहते थे। लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द चुनाव कराए जाएं...लोकसभा चुनाव के दौरान जम्मू-कश्मीर में मतदान केंद्रों पर लगी लंबी कतारें इस बात का सबूत हैं कि लोग न केवल बदलाव चाहते हैं बल्कि उस बदलाव का हिस्सा बनकर अपनी आवाज भी बुलंद करना चाहते हैं। उम्मीद और लोकतंत्र की यह झलक दिखाती है कि लोग तस्वीर बदलना चाहते हैं। वे अपनी किस्मत खुद लिखना चाहते हैं। जम्मू-कश्मीर के लोगों ने लोकसभा चुनाव में बुलेट के बजाय बैलेट को चुना है।
#WATCH | Chief Election Commissioner Rajiv Kumar says, "We recently visited Jammu & Kashmir and Haryana to take stock of the election preparation in these places. A great enthusiasm was seen among the people. They wanted to participate in the election process. People want… pic.twitter.com/BTeZqOL9H2
— ANI (@ANI) August 16, 2024
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव विश्व स्तर पर सबसे बड़ी चुनाव प्रक्रिया थी। यह सफलतापूर्वक और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। इसने पूरे लोकतांत्रिक विश्व के लिए एक बहुत मजबूत लोकतांत्रिक धरातल तैयार किया, यह बिना किसी हिंसा के शांतिपूर्ण रहा और पूरे देश ने चुनाव का उत्सव मनाया। हमने कई रिकॉर्ड भी बनाए। पहली बार दुनिया में सबसे ज्यादा मतदान हुआ। इसके बाद हम लोग अगले चुनाव के लिए तैयार हैं।
#WATCH | Chief Election Commissioner Rajiv Kumar says, "...2024 Lok Sabha polls were the biggest election process at the world level. It was completed successfully and peacefully. It created a very strongly democratic surface for the entire democratic world, it was peaceful… pic.twitter.com/V8lfxaPRtV
— ANI (@ANI) August 16, 2024
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने शुरू प्रेस को संबोधित करना शुरू कर दिया है। पहले तैयारियों की जानकारी देंगे, फिर चुनावों की तारीखों की घोषणा करेंगे।
राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग आज अपनी प्रेस कांफ्रेंस करने जा रहा है। बस अब से थोड़ी देर में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत होने जा रही है। ऐसा माना जा रहा है कि जम्मू कश्मीर के साथ-साथ हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा के चुनावों की घोषणा हो सकती है। इसके लिए पत्रकारों की टीम विज्ञान भवन पहुंचने लगी है। बस अब से कुछ ही देर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार प्रेस को संबोधित करके चुनावों की तारीखों की घोषणा करेंगे।
हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर हरियाणा के पूर्व गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि अगर चुनाव की तारीख की घोषणा होती है, तो हो जाए। हम पूरी तरह से तैयार हैं, आज तारीख की घोषणा होती है तो कल से नामांकन होने शुरू हो जाएंगे। हमारे कार्यकर्ता पूरी तरह से तैयार हैं।
#WATCH अंबाला (हरियाणा): विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर हरियाणा के पूर्व गृह मंत्री अनिल विज ने कहा, "अगर चुनाव की तारीख की घोषणा होती है तो हो जाए। हम पूरी तरह से तैयार हैं, आज तारीख की घोषणा होती है तो कल से नामांकन होने शुरू हो जाएंगे। हमारे कार्यकर्ता पूरी तरह से तैयार हैं… pic.twitter.com/xRY4RFCFKk
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 16, 2024
भाजपा नेता तरुण चुघ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा ही चुनाव आयोग का इंस्टीट्यूशंस का लोकतंत्र का सम्मान करती है। भारतीय लोकतंत्र विश्व का सबसे पुराना लोकतंत्र है हम विश्व की नानी दादी है लोकतंत्र के मामले में। निश्चित रूप से एक जिम्मेदार राजनीतिक दल होने के नाते जम्मू कश्मीर के चुनाव की जो भी घोषणा होगी। भारतीय जनता पार्टी उसमे अपनी भागेदारी करेगी। चुनाव घोषित करने का काम चुनाव आयोग का है। भारतीय जनता पार्टी जिम्मेदार राजनीतिक दल होने के नाते उन तारीख का इंतजार करेगी। साथ ही जब भी चुनाव घोषित होगा उसमें भागेदारी करेगी।
चुघ ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में जम्मू कश्मीर आगे बढ़ा है। जम्मू कश्मीर को तीन परिवारों ने टेररिज्म कैपिटल बना दिया गया था। आज उस कैद से निकलकर जम्मू कश्मीर टूरिज्म कैपिटल बना है । जहां बॉयकॉट की राजनीति होती थी, वहां भारी पोलिंग की राजनीति होती है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी जी ने विकास व विश्वास दोनों ही वहां खड़े किए हैं। आज लोगों को पूर्ण विश्वास है 370 और 35A की जंजीरों से टूटने के बाद तेजी से जम्मू कश्मीर आगे बढ़ा है।
भारतीय जनता पार्टी हमेशा ही चुनाव आयोग का इंस्टीट्यूशंस का लोकतंत्र का सम्मान करती है। भारतीय लोकतंत्र विश्व का सबसे पुराना लोकतंत्र है हम विश्व की नानी दादी है लोकतंत्र के मामले में। निश्चित रूप से एक जिम्मेदार राजनीतिक दल होने के नाते जम्मू कश्मीर के चुनाव की जो भी घोषणा होगी… pic.twitter.com/TDrkj5U9Ws
— Tarun Chugh (@tarunchughbjp) August 16, 2024
भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार, ईसी ज्ञानेश कुमार और डॉ. संधू के साथ विधानसभा आम चुनाव 2024 के कार्यक्रमों को लेकर दोपहर 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे, जिसको आप लाइव अपने घर में भी देख सकते हैं..
CEC Rajiv Kumar along with ECs Gyanesh Kumar and Dr. Sandhu will address a #PressConference on the schedule for General Elections to Legislative Assemblies 2024.
— Election Commission of India (@ECISVEEP) August 16, 2024
🗓️Today 3 PM onwards.
📍Watch live here at : https://t.co/cjK7OcpIYR #ECI #Elections2024 pic.twitter.com/ylWIvLbWmo
इसके पहले सीईसी राजीव कुमार ने 8 से लेकर 10 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के दौरे पर थे। वहां आम चुनाव 2024 को मिली उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया की सराहना की और जम्मू-कश्मीर के लोगों से इस सकारात्मक रुझान को आगे बढ़ाने के साथ-साथ नए मानक स्थापित करने की अपील की थी। इस दौरे के बाद से चुनाव की संभावनाएं बढ़ गयीं थीं।
CEC Rajiv Kumar hails the enthusiastic response to the General Elections 2024 and appeals to the people of J&K to take this positive trend forward & set new benchmarks #JammuAndKashmirPressConference #ECI #Elections2024 pic.twitter.com/YtBOy1Pfzw
— Election Commission of India (@ECISVEEP) August 10, 2024
An ECI delegation led by CEC Rajiv Kumar and ECs Gyanesh Kumar and Dr. SS Sandhu arrived at Srinagar today to review poll preparedness in J&K. #AssemblyElections #ECI pic.twitter.com/aKfurMoCV0
— Election Commission of India (@ECISVEEP) August 8, 2024
चुनाव आयोग ने जम्मू कश्मीर के साथ-साथ हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की दो दिवसीय समीक्षा 13 अगस्त को पूरी की थी। तभी से माना जा रहा था कि चुनाव आयोग तैयारियों से संतुष्ट होने के बाद चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है।
EC concludes two day review of poll preparations for forthcoming state assembly elections in #Haryana. More details👇https://t.co/0hly4QgVRt pic.twitter.com/avbAFQUR8O
— Election Commission of India (@ECISVEEP) August 13, 2024
जम्मू कश्मीर की विधानसभा का गठन 1952 में हुआ था इसके बाद से कई बार वहां पर चुनाव हुए और कई बार वहां पर राष्ट्रपति शासन लगा। वहां पर आखिरी बार 2014 में चुनाव हुआ था और 90 सदस्यों वाली विधानसभा का गठन हुआ था। इसके बाद वहां पर गठबंधन की सरकार बनी थी, जिसमें जम्मू कश्मीर पीपुल डेमोक्रेटिक पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने मिलकर मुफ्ती मोहम्मद सईद के नेतृत्व में सरकार बनाई थी, लेकिन 7 जनवरी 2016 को मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद उनकी बेटी महबूबा मुफ्ती में शपथ ग्रहण लिया और वह जम्मू कश्मीर की अगली मुख्यमंत्री बनीं। लेकिन जून 2018 में भारतीय जनता पार्टी ने सरकार से मतभेद होने के बाद सरकार से अपना सपोर्ट वापस ले लिया। इसके बाद वहां सरकार गिर गई । फिर नई सरकार का गठन न होते देख नवंबर 2018 में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया।
चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव संपन्न कराने की राह में सबसे बड़ी चुनौती वहां कि सुरक्षा व्यवस्था है। दरअसल हाल के दिनों में अचानक बढ़ी आतंकी घटनाओं ने प्रशासन की चिंता को बढ़ा दी है। इसका असर चुनावी कार्यक्रम पर भी देखने को मिल सकता है।
ज्ञात हो कि साल 2014 में जम्मू-कश्मीर में आखिरी विधानसभा चुनाव का आयोजन 5 चरणों में हुआ था। चुनाव आयोग की मानें तो उत्तरी कश्मीर के जिलों में काफी ज्यादा चुनौतियां हैं। यहां के कई इलाके संवेदनशील माने गए हैं। वहीं उत्तरी कश्मीर में अनंतनाग, बारामुला, बुडगाम, बांदीपोर, गांदरबल, कुपवाड़ा, कुलगाम, पुलवामा, शोपियां और श्रीनगर जिले को संवेदनशील कहा जा रहा है। जबकि दक्षिण कश्मीर में कठुआ, सांबा, रियासी, जम्मू, उधमपुर जैसे जिलों को संवेदनशील माना गया है।
2019 से पहले देखा जाए तो जम्मू और कश्मीर राज्य में एक द्विसदनीय विधायिका के रूप में चल रही थी। विधान सभा (निचला सदन) और विधान परिषद (उच्च सदन) दोनों कार्य कर रहे थे। जम्मू और कश्मीर विधानसभा का कार्यकाल पहले 6 वर्ष था, लेकिन अब 5 वर्ष का होता है। अगस्त 2019 में भारत की संसद द्वारा पारित जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 ने इसे एकसदनीय विधायिका में बदल दिया है। साथ ही साथ राज्य को पुनर्गठित (द्विभाजित) कर इसे एक केन्द्र-शासित प्रदेश बना दिया।
इसके पहले 21 नवंबर 2018 को राज्यपाल द्वारा जम्मू और कश्मीर की विधानसभा भंग कर दी थी और 6 महीने की अवधि के भीतर नए चुनावों की संभावना जतायी थी। लेकिन बाद में नए निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं के कार्यान्वयन की अनुमति देने के लिए चुनाव स्थगित कर दिया गया। अब नए सिरे चुनावी तैयारियां की जा रही हैं।