

RAF Action Review: 36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर पर जारी धरने के समाप्त होने के बाद अब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की कार्रवाई की पेशेवर समीक्षा करने का फैसला किया है। आंदोलन खत्म होने के साथ ही प्रदर्शनकारी वापस अपने घर लौट रहे हैं और जंतर-मंतर पर सफाई का काम भी शुरू हो गया है।
CRPF के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह समीक्षा किसी एक घटना के कारण नहीं, बल्कि हर बड़े ऑपरेशन के बाद अपनाई जाने वाली नियमित पेशेवर प्रक्रिया का हिस्सा है।
उन्होंने कहा, "अब जबकि आंदोलन समाप्त हो गया है और प्रदर्शनकारी पूरी तरह लौट रहे हैं, हम हर बड़े ऑपरेशन की तरह पूरे घटनाक्रम का पोस्ट-इवेंट प्रोफेशनल असेसमेंट करेंगे। समीक्षा पूरी होने के बाद ही CRPF मुख्यालय की ओर से आधिकारिक रुख सामने आएगा।"
समीक्षा का मुख्य उद्देश्य यह आकलन करना होगा कि भीड़ नियंत्रण के दौरान RAF ने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन किया या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि ऑपरेशन के दौरान कहीं कोई चूक हुई या नहीं और भविष्य में किन सुधारों की आवश्यकता है।
एक मीडिया रिपोर्ट में CRPF सूत्रों के हवाले से बताया गया कि पोस्ट-इवेंट समीक्षा में कई अहम पहलुओं की जांच की जाएगी, जिनमें शामिल हैं—
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए थे, जिनमें RAF पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित बल प्रयोग के आरोप लगाए गए थे। इन वीडियो को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों ने कार्रवाई की समीक्षा की मांग की थी।
हालांकि, CRPF ने फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि पहले पूरी पेशेवर समीक्षा की जाएगी और उसके बाद ही मुख्यालय की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया दी जाएगी।
रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), CRPF की विशेष दंगा नियंत्रण इकाई है। इसे साम्प्रदायिक तनाव, बड़े विरोध-प्रदर्शनों, चुनावी ड्यूटी और अन्य संवेदनशील कानून-व्यवस्था संबंधी परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए तैनात किया जाता है। इस समीक्षा का उद्देश्य भविष्य में ऐसे अभियानों को और अधिक प्रभावी तथा मानक प्रक्रियाओं के अनुरूप बनाना है।