ईरान संकट पर आज बड़ी बैठक, विपक्षी दलों के साथ रणनीति बनाएगी सरकार; कांग्रेस ने PM मोदी के सामने रखी ये शर्त

Iran Conflict: इस बैठक के लिए सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के सदन के नेताओं को बुलाया गया है। हालांकि, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शायद इस बैठक में शामिल नहीं हो सकेंगे।
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कैबिनेट के साथ पीएम मोदी, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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All Party Meeting Today: मिडिल ईस्ट में पीछले 26 दिनों से जारी तनाव और उसके वैश्विक प्रभाव को देखते हुए, केंद्र सरकार ने आज एक अहम सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश की सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को मौजूदा हालात से अवगत कराना है। इसके साथ ही इस अंतरराष्ट्रीय संकट पर एक राष्ट्रीय सहमति बनाना है। यह बैठक आज बुधवार, शाम 5 बजे संसद भवन परिसर में शुरू होगी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर सकते हैं। इस सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित अन्य वरिष्ठ मंत्री भी हिस्सा लेंगे।

सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रण

इस बैठक के लिए सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के सदन के नेताओं को बुलाया गया है। हालांकि, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शायद इस बैठक में शामिल नहीं हो सकेंगे। दरअसल, राहुल गांधी आज अपने पहले से तय केरल दौरे पर जाने वाले थे लेकिन उनकी मां सोनिया गांधी की कल रात अचानक तबीयत खराब हो जाने के बाद उन्होंने अपना केरल दौरा रद्द कर दिया है।

बैठक का मुख्य एजेंडा क्या है?

ईरान-इजरायल युद्ध भारत की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए कई मोर्चों पर अभूतपूर्व चुनौतियां खड़ी कर रहा है। कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस (LPG) और कृषि उर्वरकों की सप्लाई चैन को सुचारू रखना, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी युद्धग्रस्त क्षेत्र से आयात करता है। खाड़ी देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय काम करते हैं। वहां रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्लान पर मंथन हो सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ने वाले असर को कम करने के उपायों पर भी चर्चा हो सकती है। विपक्ष ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वक्तव्य के बाद इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक की मांग उठाई थी। कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दल पश्चिम एशिया युद्ध और इसके भारत पर प्रभाव को लेकर सरकार से लगातार सवाल कर रहे हैं।

बैठक से पहले कांग्रेस की मांग

केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक को लेकर विपक्षी दलों ने कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के नेताओं ने मांग की है कि इस महत्वपूर्ण चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्यक्तिगत रूप से शामिल होना चाहिए। कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि यह बैठक केवल नाम मात्र के लिए बुलाई गई है, तो इसे टाल देना ही बेहतर था।

'PM के बिना बैठक का कोई मतलब नहीं'

वड़िंग ने तीखे लहजे में कहा कि अगर सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है, तो प्रधानमंत्री को स्वयं इस बैठक में हिस्सा लेना चाहिए। उनके बिना ऐसी बैठक का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के सभी महत्वपूर्ण निर्णय केवल 'दो मित्रों'- अमित शाह और पीएम मोदी द्वारा लिए जाते हैं।

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