चंद्रबाबू नायडू आए जेल से बाहर, पोते को देख हुए भावुक, बोले- 'मुझे दिए गए स्नेह को कभी नहीं भूलूंगा'

Chandrababu Naidu with His Grandson
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नई दिल्ली/राजमुंदरी. आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट (Andhra Pradesh High Court) की ओर से मंगलवार को तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू (N. Chandrababu Naidu) को जमानत मिलने के बाद सोमवार को वे राजमुंदरी जेल (Rajahmundry jail) से बाहर आए। इस दौरान उनके समर्थकों ने उनका स्वागत किया। वहीं, जेल के बाहर उनसे मिलने उनका पोता भी आया था। जहां पोते को देख नायडू भावुक हो गए।

जेल से बहार आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "जब मैं मुसीबत में था तो आप सभी सड़कों पर आए और मेरे लिए प्रार्थना की। मैं न केवल आंध्र प्रदेश बल्कि तेलंगाना और दुनिया भर में मुझे दिए गए स्नेह को कभी नहीं भूलूंगा।" उन्होंने कहा, "अपने 45 साल के करियर में मैंने न तो कोई गलती की है और न ही किसी को करने दूंगा। सभी राजनीतिक दलों ने मेरा समर्थन किया है, इसके लिए उनका बहुत-बहुत धन्यवाद।"

बता दें कि चंद्रबाबू नायडू को आंध्र प्रदेश कौशल विकास निगम में कथित घोटाला मामले में चार हफ्ते के लिए अंतरिम जमानत मिली है। वे 53 दिनों की न्यायिक हिरासत में थे।

TDP से डरी हुई है YSRCP

TDP ने कहा कि सत्तारूढ़ YSRCP चंद्रबाबू नायडू को अपराधी बताने के अपने प्रयास में विफल रही है। पार्टी ने कहा, "सत्तारूढ़ YSRCP द्वारा एन चंद्रबाबू नायडू को लगातार जांच के दायरे में रखने और उन्हें अपराधी करार देने के सभी प्रयासों के बावजूद, वे अंततः आज विफल रहे। इससे पता चलता है कि YSRCP TDP से किस तरह डरी, सहमी और भयभीत है।"

राजनीतिक गतिविधियों में शामिल नहीं होने की आदेश

हाई कोर्ट ने चंद्रबाबू नायडू को स्वास्थ्य कारणों के चलते जमानत दी है। कोर्ट ने उन्हें 24 नवंबर को आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। इसके अलावा उन्हें अस्पताल में अपने मेडिकल चेक-अप के अलावा किसी अन्य कार्यक्रम, मीडिया और राजनीतिक गतिविधियों में भाग नहीं लेने का भी आदेश दिया गया है। अदालत 10 नवंबर को मुख्य जमानत याचिका पर दलीलें सुनेगी।

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