

नोएडा. उत्तर प्रदेश ड्रग कंट्रोलिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी ने कफ सिरप बनाने वाली मैरियन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। केंद्र ने शनिवार को इसके निर्देश दिए हैं।
नोएडा स्थित मैरियन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड से परीक्षण हेतु लिए गए 36 नमूनों में से 22 में एथिलीन ग्लाइकोल (Ethylene Glycol) की मिलावट पाई गई। जिसके बाद केंद्र ने स्टेट ड्रग कंट्रोलर अथॉरिटी से मैरियन बायोटेक के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस को रद्द करने के निर्देश दिए।
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गौतम बुद्ध नगर ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया, "मैरियन बायोटेक से परीक्षण के लिए लिए गए 36 नमूनों में से 22 के एथिलीन ग्लाइकोल से मिलावटी पाए जाने के बाद केंद्र ने स्टेट ड्रग कंट्रोलर अथॉरिटी से मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की।"
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित एक कंपनी में बनी कफ सिरप पीने से पिछले साल उज्बेकिस्तान में 18 बच्चों की मौत हो गयी थी। नोएडा पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने कंपनी के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
एथलीन ग्लाइकोल एक कार्बनिक यौगिक है जो मोटरगाड़ियों में प्रतिहिमकारी (Antifreeze) के रूप में उपयोग में आता है। इसे 'ग्लाइकोल' भी कहते हैं। यह बहुलकों का पूर्वरूप था। शुद्ध एथलीन ग्लाइकोल गंधहीन, रंगहीन, सिरप जैसा और स्वाद में मीठा द्रव है। यह विषैला होता है तथा इसे ग्रहण करने पर मृत्यु हो सकती है। यह सुंगधित तैलीय द्रव है।
यह ग्लिसरीन की भाँति मीठा तथा पानी और ऐलकोहल के साथ मिश्र्य है। औद्योगिक विधि में इसे एथिलीन गैस से प्राप्त करते हैं। हाइपोक्लोरस अम्ल की अभिक्रिया से यह एथिलीन क्लोरोहाइड्रिन में बदलता है, जिसे दूधिया चूने के साथ गरम करके एथिलीन ग्लाइकोल प्राप्त करते हैं।