बॉर्नविटा विवाद: राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कंपनी से ‘भ्रामक' विज्ञापन हटाने को कहा

Bournvita Controversy
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नई दिल्ली: राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने विख्यात ब्रांड बॉर्नविटा में शुगर की मात्रा को लेकर खड़े हुए विवाद की पृष्ठभूमि में इस ब्रांड की निर्माता कंपनी ‘मोंडेलेज इंटरनेशनल' से कहा है कि वह इससे जुड़े ‘भ्रामक' विज्ञापन को हटाए।

उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया में वायरल एक वीडियो में दावा किया गया कि है बॉर्नविटा में शुगर की मात्रा बहुत अधिक है जिससे बच्चों की सेहत पर बुरा असर हो सकता है। एनसीपीसीआर ने बॉर्नविटा का स्वामित्व रखने वाली कंपनी को भेजे नोटिस में कहा है कि वह सात दिनों के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण या रिपोर्ट दे।

आयोग का कहना है कि उसके पास शिकायत आई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि बॉर्नविटा खुद को बच्चों की सेहत के लिए फायदेमंद हेल्थ ड्रिंक के तौर पर प्रचारित करता है, लेकिन उसमें शुगर की अधिक मात्रा है और कुछ अन्य सामग्री भी हैं जिनसे बच्चों की सेहत पर असर हो सकता है। उसने ‘मोंडेलेज इंटरनेशनल' की भारत इकाई के प्रमुख दीपक अय्यर को भेजे नोटिस में कहा है कि विज्ञापन भ्रामक है। एनसीपीसीआर ने विज्ञापनों को हटाने के लिए कहा है। (एजेंसी)

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