

Ram Mandir Case Hearing Adjourned: अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी की स्वतंत्र जांच की मांग वाली 4 याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है। इस मामले पर अब सुप्रीम कोर्ट में अगले हफ्ते सुनवाई होगी। कोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दो सप्ताह के लिए सुनवाई टालने की मांग की गई। सरकार ने कहा कि उसकी तरफ से पेश हो रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए सुनवाई टाल दी जाए।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने एक नई एसआईटी बनाने का निर्देश दिया था जिसके बाद यूपी सरकार की ओर से नई एसआईटी का गठन किया गया था। नई एसआईटी का नेतृत्व लखनऊ रेंज की आईजी किरण एस कर रही हैं। इस एसआईटी टीम में अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी गौरव ग्रोवर, बाराबंकी के एएसपी रितेश कुमार के अलावा वित्तीय लेन-देन और अभिलेखों की जांच के लिए एक ऑडिटर को भी शामिल किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले की जांच ने फिर रफ्तार पकड़ी है। नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन के बाद जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष सरकार पर आरोप लगा रहा है।
7 अगस्त को समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने संसद परिसर के बाहर प्रदर्शन कर अयोध्या स्थित राम मंदिर चढ़ावा अनियमितता मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। सपा सांसदों ने आरोप लगाया कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा यह मामला अत्यंत गंभीर है, लेकिन सरकार इस पर चर्चा से बच रही है।
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा था कि जब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा था कि भगवान राम के नाम पर जुटाए गए धन का एक-एक पैसा मंदिर तक पहुंचना चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए।
एजेंसी इनपुट के साथ...