

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) की वरिष्ठ नेता आतिशी अब दिल्ली की नयी मुख्यमंत्री होंगी। इसके पहले अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की मंत्री आतिशी को उनके स्थान पर अगला मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे ‘आप' विधायकों ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया। वित्त, शिक्षा और राजस्व सहित 14 विभागों का जिम्मा संभाल रहीं आतिशी (43) उन लोगों में शामिल थीं जिन्होंने केजरीवाल के जेल में रहने के दौरान राज्य की बागडोर संभाली।
इस बाबत आम आदमी पार्टी (आप)के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने कहा कि पार्टी आज शाम को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद वरिष्ठ पार्टी नेता आतिशी के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के लिए दावा करेगी। ऐसे में आज आपको बताते हैं आतिशी की नेट वर्थ और उनके धन-दौलत के बारे में थोड़ी जानकारी …
देखा जाए तो और अन्य रिपोर्टस की मानें तो दिल्ली की नई और ताजा तरीन मुख्यमंत्री आतिशी की नेट वर्थ कुल 1 करोड़ रुपये से ज्यादा ही है। साल 2020 में दाखिल किए गए आखिरी चुनावी हलफनामे के मुताबिक, आतिशी पर किसी तरह की कोई देनदारी नहीं है। कुछ अन्य रिपोर्टस की मानें तो चुनाव आयोग में दिये गए हलफनामे के अनुसार आतिशी की कुल 1.41 करोड़ रुपये की संपत्ति है। वहीं उनके पति के पास 81.42 लाख रुपये की संपत्ति है। मुख्यमंत्री आतिशी के चुनावी हलफनामे में दी जानकारी को देखें तो उनके पास घर और गाड़ी कुछ भी नहीं ही है। वहीं साल 2018-19 में आतिशी की कमाई 5.20 लाख रुपये थी। आतिशी के पास 20 हजार रुपये कैश और बैंक अकाउंट में 36 हजार रुपये थे। इसके अलावा उनके नाम पर 39 लाख, और 18 लाख रुपये की 2 एफडी भी बताई गई थी।
वहीं चुनाव आयोग में दिये गए हलफनामे के अनुसार अरविंद केजरीवाल की कुल नेटवर्थ 2020 में 3.44 करोड़ रुपये बताई गई थी। वहीं केजरीवाल ने अपने और अपनी पत्नी व बच्चों के पास 22,000 रुपये कैश और SBI से लेकर ICICI Bank तक के अकाउंट्स में करीब 33.29 लाख रुपये होने की जानकारी दी थी।
जानकारी दें कि दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विजय सिंह और तृप्ता वाही की बेटी आतिशी ने स्प्रिंगडेल्स स्कूल से स्कूली शिक्षा प्राप्त की और सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है। राजधानी दिल्ली के शिक्षा क्षेत्र में आप सरकार की कई उपलब्धियों का श्रेय आतिशी को दिया जाता है। बीते साल मार्च में दिल्ली मंत्रिमंडल में उन्हे शामिल किया गया था तथा 21 मार्च को आबकारी नीति मामले में आप संयोजक केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से वह सरकार और पार्टी दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थीं।