भारतीय मताधिकार नीति व इलेक्शन प्रणाली का मुरीद हुआ अमेरिका, कर रहा है तारीफ

लोकसभा चुनाव 2024 पूरा हो चुका है। लेकिन अभी भी पूरे इलेक्शन इलेक्शन प्रोसेस में मिली सफलता की गूंज विदेशों तक है। इसी क्रम में अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने भारत में हुए चुनाव की सफलता की है।
America react on Kanwar Yatra name plate controversy , UP
अमेरिकी विदेश मंत्रालय प्रवक्ता मैथ्यू मिलर
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नवभारत डेस्क: लोकसभा चुनाव 2024 हाल में ही खत्म हुआ। जिसमें भारतीय मतदाताओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। इतने बड़े देश में शांतिपूर्वक मतदान पूरे हुए। जिसकी तारीफ ना केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी हो रही है। अमेरिका विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए भारत के इस बड़ी उपलब्धि की तारीफ की है।

मैथ्यू ने कहा कि "हम भारत में हुए चुनाव से बेहद प्रभावित हैं। यह इतिहास में किसी भी देश में चुनावी मताधिकार की सबसे बड़ी कवायद थी।'' हालांकि वो भारतीय संसद में मुसलमानों के प्रतिनिधित्व पर पूछे गए सवाल से बचते नजर आए। उन्होंने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि "मैं भारत में हुए चुनाव के संबंध में कुछ नहीं कहूंगा।" यह निर्णय वहां की जनता को लेना है। साथ ही चुनाव में आए नतीजों को लेकर पूछे गए सवाल से भी वो बचते नजर आए। उन्होंने कहा कि "हम चुनाव के कुछ खास परिणामों के बारे में टिप्पणी नहीं करते।''

गौरवशाली लोकतांत्रिक इतिहास

बता दें कि इससे पहले द बोर्ड ऑफ अमेरिका-भारत स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप फोरम ने भी चुनाव को लेकर बयान दिया था। जिसमें अमेरिका में भारत-केंद्रित व्यापार एवं व्यवसाय समूह की ओर से कहा गया था कि हमारी संस्था की ओर से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को 2024 के आम चुनावों में लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक जीत के लिए बहुत-बहुत बधाई। फोरम की ओर से इस जीत को गौरवशाली लोकतांत्रिक इतिहास बताया गया। वहीं एक नया अध्याय जोड़ने के लिए भारतीय नागरिकों को भी बधाई दी है।

बता दें कि लोकसभा चुनाव 7 चरणों में पूरा हुआ था। जिसके नतीजे 4 जून को जारी किए गए। जिसके बाद एनडीए गठबंधन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाने का फैसला लिया। बीजेपी को 240 सीटों पर जीत मिली थी। जो कि बहुमत के आकंड़े से 32 सीटें कम थी। जिसके बाद गठबंधन में शामिल चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी और नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू की मदद से पीएम मोदी को सरकार बनाने में सफलता मिली। टीडीपी 16 और जेडीयू 12 सीटों पर अपना समर्थन देकर किंगमेकर के रुप में नजर आई। वहीं इस चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी (रा) के नेता रामविलास पासवान ने भी अपना खुल कर समर्थन दिया है।