अभिषेक घोसालकर हत्याकांड की जांच में तेजी, मुंबई क्राइम ब्रांच ने गठित की 2 टीमें

किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
Abhishek Ghosalkar Murder
अभिषेक घोसालकर (डिजाइन फोटो)
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मुंबई: मुंबई पुलिस की अपराध शाखा (Mumbai Crime Brach) ने शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (Shiv Sena UBT) के नेता अभिषेक घोसालकर (Abhishek Ghosalkar Murder) की 'फेसबुक लाइव' के दौरान एक स्थानीय ‘सामाजिक कार्यकर्ता' द्वारा हत्या किए जाने के मामले की जांच के लिए दो दलों का गठन किया है।

एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 'सामाजिक कार्यकर्ता' मौरिस नोरोन्हा ने अभिषेक की हत्या करने के बाद खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। अधिकारी ने बताया कि निरीक्षक रैंक के अधिकारी की अगुवाई वाला एक दल घोसालकर की हत्या की जांच कर रहा है, जबकि दूसरा दल उनके हत्यारे मौरिस नोरोन्हा की ‘‘दुर्घटनावश'' मौत की जांच कर रहा है।

उन्होंने बताया कि अपराध शाखा की जांच कई पहलुओं पर केंद्रित होगी। उन्होंने बताया कि जांच में यह पता लगाया जाएगा कि नोरोन्हा को हथियार कैसे मिला, किसने उसे हथियार मुहैया कराया और क्या वह घटना के समय शराब के नशे में था। उन्होंने बताया कि घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जाएगी।

अभिषेक (40) पूर्व विधायक विनोद घोसालकर के बेटे और पूर्व पार्षद थे। विनोद को उद्धव ठाकरे का वफादार भी बताया जाता है। बोरीवली (पश्चिम) की आईसी कॉलोनी में स्थित मौरिस नोरोन्हा के कार्यालय में बृहस्पतिवार शाम को हुई घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है, जिसमें हमलावर को अभिषेक के पेट और कंधे में गोली मारते हुए देखा जा सकता है।

इससे पहले पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया था कि अभिषेक घोसालकर को चार गोलियां मारी गयीं। अपराध के लिए नोरोन्हा ने अवैध पिस्तौल का इस्तेमाल किया और घटना को अंजाम देने के बाद उसने खुद को भी गोली मार ली।

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि फेसबुक लाइव यह स्पष्ट करने के लिए था कि वे बोरीवली में आईसी कॉलोनी क्षेत्र की बेहतरी के लिए अपने आपसी विवाद को खत्म करके दोनों एक साथ आए हैं। हत्या के बाद एमएचबी कॉलोनी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया और संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) सत्य नारायण और पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) दत्ता नलावडे ने जांच के लिए घटनास्थल का दौरा किया।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच देर रात मुंबई अपराध शाखा को सौंप दी गयी। उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता और जांच के दायरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।  अधिकारी ने बताया कि अपराध शाखा के एक दल ने स्थानीय पुलिस के साथ अपराध स्थल का दौरा किया। बाद में जांच के सिलसिले में संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) लखमी गौतम और पुलिस उपायुक्त (अपराध) राज तिलक रोशन भी मौके पर पहुंचे।

उन्होंने बताया कि जांच दल सबूत जुटाने की कोशिश कर रहा है। अभिषेक घोसालकर को गोली लगने के बाद उत्तरी मुंबई के करुणा अस्पताल ले जाया गया था। अधिकारी ने बताया कि शिवसेना (यूबीटी) के सैकड़ों समर्थक करुणा अस्पताल के बाहर एकत्र हुए।

अधिकारी ने बताया कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि घोसालकर के शव को शुक्रवार तड़के पोस्टमार्टम के लिए सरकारी जे.जे. अस्पताल ले जाया गया। इस हमले से कुछ ही दिन पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक ने उल्हासनगर में एक पुलिस थाने के भीतर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के एक नेता को गोली मार दी थी।

(एजेंसी)

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