

बिहार में इस साल के अंत तक संभावित विधानसभा चुनावों से पहले सियासी माहौल गरमाने लगा है। वोटर लिस्ट में संशोधन को लेकर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने भारतीय जनता पार्टी पर सीधा हमला बोला है। ढांडा ने आरोप लगाया कि भाजपा ईवीएम से नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट में हेरफेर कर चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश करती है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली चुनाव में भी भाजपा ने यही रणनीति अपनाई थी और अब बिहार में वही दोहराया जा रहा है।
AAP नेता अनुराग ढांडा का बयान ऐसे समय आया है, जब चुनाव आयोग ने सभी राज्यों में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिहार में इस अभियान के तहत विभिन्न राजनीतिक दलों ने बूथ स्तर पर अपने एजेंट नियुक्त किए हैं और पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच कर रहे हैं। लेकिन इसी प्रक्रिया पर अब सियासी सवाल उठने लगे हैं।
चुनाव आयोग पर भी उठे सवाल अनुराग ढांडा ने केवल भाजपा ही नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, “चुनाव आयोग इन गड़बड़ियों पर आंखें मूंदे बैठा है। मतदाता सूची में नाम काटने, बदलने और नए वोटरों को जोड़ने में पक्षपात किया जा रहा है। दिल्ली में भी हमने यही देखा था और अब बिहार में फिर से यही खेल हो रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी ही पहली पार्टी थी जिसने खुलकर यह कहा था कि असल छेड़छाड़ EVM नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट के जरिए होती है।
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चुनाव से पहले बढ़ी वोटर लिस्ट की सक्रियता
बिहार में अक्टूबर-नवंबर में चुनाव संभावित हैं। इसके मद्देनजर वोटर लिस्ट को अपडेट किया जा रहा है। चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से सहयोग मांगा है। अब तक 1.5 लाख से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ लेवल एजेंट (BLA) के रूप में नियुक्त किया जा चुका है। आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जा रही है, लेकिन विपक्ष का दावा है कि इसमें सत्ता पक्ष को फायदा पहुंचाया जा रहा है।