दिल्ली की हार ने हिलाई AAP की बुनियाद! संगठन में बड़ा फेरबदल, केजरीवाल ने मनीष सिसोदिया और गोपाल राय को...

AAPPAC Meeting: आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी नेतृत्व बड़ा परिवर्तन हुआ है। आइए बताते हैं कि क्या कुछ बड़े फैसले लिए गए हैं।
दिल्ली की हार ने हिलाई AAP की बुनियाद! संगठन में बड़ा फेरबदल, केजरीवाल ने मनीष सिसोदिया और गोपाल राय को...
दिल्ली की हार ने हिलाई AAP की बुनियाद!
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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी नेतृत्व में बड़ा बदलाव हुआ है। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यंमत्री मनीष सिसोदिया को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया गया है। तो वहीं, सत्येंद्र जैन को पंजाब का सह-प्रभारी बनाया गया है। इसके साथ ही, सौरभ भारद्वाज को दिल्ली AAP का संयोजक बनाया गया है यानी उन्हें दिल्ली में पार्टी की कमान सौंपी गई है। भारद्वाज ने गोपाल राय की जगह ली है।

साथ ही डोडा से विधायक मेहराज मलिक को AAP का जम्मू-कश्मीर संयोजक नियुक्त किया गया है। गुजरात, गोवा, पंजाब तथा छत्तीसगढ़ में नए प्रभारी और सह प्रभारी नियुक्त किए गए हैं।

किसको कहां की मिली जिम्मेदारी?

गुजरात: प्रभारी- गोपाल राय

सह प्रभारी- दुर्गेश पाठक

गोवा: प्रभारी- पंकज गुप्ता

सह प्रभारी- अंकुश नारंग, आभास चंदेला और दीपक सिंगला

पंजाब: प्रभारी- मनीष सिसोदिया

सह प्रभारी- सत्येंद्र जैन

छत्तीसगढ़: प्रभारी- संदीप पाठक

साथ ही आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा तथा संजय सिंह पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति की मीटिंग के लिए पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुंचे हैं।

क्या बोले सिसोदिया?

पंजाब के प्रभारी के तौर पर अपनी नियुक्ति पर मनीष सिसोदिया ने कहा कि "राज्य में हमारी सरकार बनने के बाद पंजाब में काफी विकास हुआ है। AAP सरकार पंजाब के लोगों के कल्याण के लिए काम करना जारी रखेगी और ये सुनिश्चित करेगी कि AAP का हर समर्पित कार्यकर्ता पार्टी का हिस्सा होने पर गर्व महसूस करे। पंजाब के लोग अरविंद केजरीवाल तथा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का बहुत सम्मान करते हैं।"

आतिशी दिल्ली की कमान संभालती रहेंगी

दिल्ली में AAP की हार के बाद आतिशी को राजधानी में मुख्य जिम्मेदारी दी जा रही है। बतौर नेता विपक्ष आतिशी भाजपा के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार का मुकाबला करने के लिए सियासी रणनीति तय करेंगी। विधानसभा चुनाव तथा दिल्ली सरकार पर होने वाले बड़े राजनीतिक हमलों की रणनीति आतिशी ही बनाएंगी। वहीं बड़े फैसलों में वो शीर्ष नेतृत्व की सहमति लेंगी।

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