

नवभारत डेस्क : केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को राजस्थान के सवाई माधोपुर में कवच 4.0 का निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कवच 4.0 की शुरुआत भारत में पहली बार सवाई माधोपुर से हुई है। मंत्री ने जानकारी दी कि अगले साल 10 हजार रेल इंजनों को इस कवच प्रणाली से कवर किया जाएगा।
वैष्णव ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, "कवच 4.0 की शुरुआत सवाई माधोपुर से हुई है, और इस क्षेत्र में कवच लगाने का काम पूरा हो चुका है। यह सिर्फ शुरुआत है, आने वाले समय में 10 हजार इंजनों को कवच से सुरक्षित किया जाएगा और 9,000 किलोमीटर अतिरिक्त कवच कार्य पूरा किया जाएगा।"
इससे पहले, केंद्रीय रेल मंत्री ने हाल ही में ट्रेनों पर हुई पत्थरबाजी की घटनाओं को लेकर यात्रियों की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा, "पूरा रेलवे स्टाफ पूरी तरह से जागरूक है और राज्य सरकारों, राज्य डीजीपी और गृह सचिवों के संपर्क में है। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ जो ऐसी घटनाओं में शामिल होगा, कड़ी कार्रवाई की जाएगी।" वैष्णव ने जोर देकर कहा कि रेलवे सुरक्षा उपायों को बढ़ाने के लिए राज्य पुलिस बलों के साथ लगातार सहयोग किया जा रहा है। रेलवे सुरक्षा के लिए कवच एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 16 जुलाई, 2024 को आरडीएसओ द्वारा कवच 4.0 वर्जन को अंतिम रूप दिया गया, और इसकी पहली स्थापना सवाई माधोपुर से कोटा और नागदा तक पूरी हो चुकी है।
कवच एक स्वदेशी रूप से विकसित ATP यानी ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है, जो रेल इंजन को हाई लेवल की सिक्योरिटी प्रोवाइड कराती है। यह ATP सिस्टम लोको पायलट को तब मदद करती है जब वह ब्रेक लगाने में विफल हो जाते हैं, और यह सुनिश्चित करती है कि ट्रेन निर्धारित गति सीमा के भीतर चल रही हो। इसके साथ ही, खराब मौसम के दौरान भी यह ट्रेन को सुरक्षित रूप से चलाने में मदद करती है। आपको बता दें कि कवच 4.0 नए वर्जन को रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन यानी RDSO ने हाल में अप्रूवल दे दिया है।