कांगड़ा और मंडी में प्रकृति का कहर! 48 घंटे से धू-धू कर जल रहे जंगल, वन्य जीवों पर भी संकट

Himachal Fire: हिमाचल के पालमपुर और जोगिंद्रनगर के जंगलों में भीषण आग से वन संपदा को भारी नुकसान हुआ है। रिहायशी इलाकों और पेट्रोल पंपों तक आग पहुँचने से दहशत का माहौल है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
Himachal Forest Fire
कांगड़ा में जल रहे जंगल (Image- Social Media)
Updated on

Himachal Forest Fire: हिमाचल प्रदेश में गर्मियों की शुरुआत के साथ ही जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। ताज़ा मामला ज़िला कांगड़ा के पालमपुर क्षेत्र का है, जहां धौलाधार की पहाड़ियों में आग लगने के तीन मामले सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, पालमपुर के समीप कंडी गांव के पास स्थित जंगल में बीते दिन से आग लगी हुई है, जिससे वन संपदा को लाखों का नुकसान होने की आशंका है। साथ ही, इस आग से वन्य जीवों और अन्य जीव-जंतुओं को भी खतरा बना हुआ है।

पिछले दो दिनों में तीन अलग-अलग स्थानों पर आग भड़कने की खबर है। डीएफओ पालमपुर संजीव शर्मा ने बताया कि धौलाधार की निचली पहाड़ियों में लगी इस आग को बुझाने के प्रयास लगातार जारी हैं। उन्होंने कहा कि आग वाले क्षेत्रों तक फायर टेंडर का पहुंचना संभव नहीं है, इसलिए विभाग के कर्मचारी स्थानीय लोगों की मदद से उपलब्ध संसाधनों के जरिए आग पर काबू पाने में जुटे हुए हैं।

वन संपदा को भारी नुकसान

पहाड़ी क्षेत्र के ढलानदार होने के कारण आग बुझाने में काफी कठिनाई हो रही है। हालांकि, एक स्थान पर आग पर काबू पा लिया गया है और उम्मीद है कि आज (सोमवार) देर रात तक बाकी स्थानों पर भी आग पर नियंत्रण पा लिया जाएगा। इस घटना में वन संपदा को भारी नुकसान हुआ है, जिसका सटीक आकलन अगले एक-दो दिनों में किया जाएगा। साथ ही, वन्य जीवों के नुकसान की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

अलग-अलग जगहों पर आग

जोगिंद्रनगर में भीषण गर्मी के चलते जंगलों में आग की घटनाएं तेज़ी से बढ़ने लगी हैं। वन मंडल क्षेत्र में एक साथ आग लगने की पांच घटनाओं ने रातभर लोगों में दहशत का माहौल बना दिया। मंडी-पठानकोट हाईवे के पास स्थित घट्टा और टोबड़ी में रविवार देर रात भड़की आग ने पेट्रोल पंप और वाहनों के शोरूम को खतरे में डाल दिया। हालांकि, वन विभाग, पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने करीब दो घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा नुकसान होने से टल गया।

रिहायशी मकान तक पहुंची आग

वहीं, द्राहल के दरकोटी इलाके में आधी रात को जंगल की आग ने विकराल रूप धारण कर एक रिहायशी मकान को अपनी चपेट में ले लिया। यहां भी दमकल और वन विभाग के कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके अलावा हराबाग के डिगली जंगल, चौंतड़ा के खलेही नाल और सुकड़ क्षेत्रों में भी आग की बड़ी घटनाएं सामने आईं, जिससे वन संपदा को नुकसान पहुंचा है।

इन सभी घटनाओं पर काबू पाने के लिए रात 10 बजे से लेकर करीब 2 बजे तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा, जिसमें पुलिस, वन और दमकल विभाग की विशेष टीमें तैनात रहीं। सोमवार को दमकल विभाग जोगिंद्रनगर के प्रभारी बंशी राम ने बताया कि शहर से करीब तीन किलोमीटर दूर टोबड़ी के पास लगी आग से वाहनों के शोरूम और पेट्रोल पंप को सुरक्षित बचा लिया गया। साथ ही, एक रिहायशी मकान को भी संयुक्त प्रयासों से आग की चपेट से बाहर निकाल लिया गया।

Navbharat Live
navbharatlive.com