Himachal Budget 2025-26: कर्मचारियों को राहत, कोई नया टैक्स नहीं, महिलाओं को सौगात व युवाओं को नौकरियां

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को विधानसभा में 58,514 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसमें राज्य की आर्थिक स्थिति सुधारने और युवाओं को रोजगार देने पर जोर दिया गया।
Himachal Budget Relief to and jobs youth
हिमाचल बजट 2025-26 (फोटो सोर्स -सोशल मीडिया)
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शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 2025-26 के लिए 58,514 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसमें जनता पर कोई नया कर नहीं लगाया गया। इस बजट में कर्मचारियों, पेंशनरों, स्वास्थ्य सेवाओं और महिलाओं के लिए कई अहम घोषणाएं की गईं। सरकारी कर्मचारियों को 3% महंगाई भत्ता मिलेगा, जबकि पेंशनरों को भी राहत दी गई है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 1,000 रोगी मित्र नियुक्त किए जाएंगे। मजदूरों की दिहाड़ी में बढ़ोतरी हुई, वहीं पंचायत और नगर निकाय प्रतिनिधियों का मानदेय भी बढ़ा दिया गया है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बहना सुख सम्मान निधि का दायरा बढ़ाया गया है, जिससे अधिक पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक सहायता मिलेगी।

राज्य की आर्थिक स्थिति सुधारने और युवाओं को रोजगार देने पर जोर दिया गया। इस बजट में 25 हजार नई नौकरियों की घोषणा की गई है, जिससे युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा। सरकार ने पुलिस विभाग में 1,000 कांस्टेबलों की भर्ती का भी ऐलान किया, वहीं 290 आशा वर्करों की नियुक्ति की भी घोषणा की गई। इस बजट में कुल राजस्व प्राप्तियां 42,343 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि राजस्व व्यय 48,733 करोड़ रुपये होगा। इसके चलते राज्य का राजस्व घाटा 6,390 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, वहीं राजकोषीय घाटा 10,338 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4.04 प्रतिशत है।

कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत

सरकारी कर्मचारियों को 3% महंगाई भत्ता 15 मई 2025 से मिलेगा। पेंशनरों को बकाया एरियर का भुगतान किया जाएगा, जिसमें 70 से 75 वर्ष की उम्र के पेंशनरों को पहले चरण में राहत मिलेगी। विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों को उनके बकाया वेतन एरियर का चरणबद्ध भुगतान होगा, जिस पर कुल 425 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

मजदूरी और मानदेय में बढ़ोतरी

दिहाड़ी मजदूरों की मजदूरी 25 रुपये बढ़ाकर 425 रुपये कर दी गई है। मनरेगा मजदूरी में 20 रुपये की बढ़ोतरी के साथ इसे 320 रुपये किया गया है। आंगनबाड़ी और मिड-डे मील कर्मचारियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। पंचायत और नगर निकाय प्रतिनिधियों को भी अधिक मानदेय मिलेगा, जिसमें जिला परिषद अध्यक्ष को 25,000 रुपये और नगर निगम महापौर को 25,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।

महिलाओं को आर्थिक सहायता

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत 18 से 59 वर्ष की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह सहायता जारी रहेगी। 1 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच 21 वर्ष की होने वाली पात्र बेटियों को भी यह लाभ मिलेगा। 1 जून 2025 से घरेलू कामगार महिलाओं और उनकी बेटियों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।

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