लिफ्ट में फंसा बेटा, शॉक में पिता की मौत, जानिए कैसे पैनिक अटैक बन सकता है जानलेवा

भोपाल में एक दर्दनाक हादसा हुआ। एक आठ साल का लड़का लिफ्ट में फंस गया था। यह देख उसके पिता की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। बेटे के फंसे होने की स्थिति देखकर पिता को गहरा सदमा पहुंचा, जिससे उनको हार्ट अटैक आ गया।
लिफ्ट में फंसा बेटा, शॉक में पिता की मौत, जानिए कैसे पैनिक अटैक बन सकता है जानलेवा
सांकेतिक फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रॉयल फार्म विला कॉलोनी में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें बेटे के लिफ्ट में फंस जाने के बाद पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई। बताया गया कि बिजली कटने की वजह से 8 वर्षीय देवांश लिफ्ट में फंस गया था। उसे बाहर निकालने की कोशिश के दौरान उसके पिता ऋषिराज भटनागर को घबराहट हुई और इस दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी जान चली गई।

यह हादसा दिखाता है कि घबराहट और पैनिक अटैक किस कदर खतरनाक साबित हो सकते हैं। आइए, इस घटना के पीछे की वजहों और इससे जुड़ी जानकारी पर नजर डालते हैं।

बेटे को लिफ्ट में फंसा देखकर घबरा गए ऋषिराज

बता दें कि भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम को एक दुखद घटना घटी। आठ साल का देवांश अपने फ्लैट में जाने के लिए लिफ्ट में चढ़ा, लेकिन अचानक बिजली चले जाने के कारण लिफ्ट बीच में ही रुक गई और वह अंदर फंस गया। अपने बेटे को लिफ्ट में फंसा देखकर पिता ऋषिराज घबरा गए और तुरंत गार्ड रूम की ओर दौड़े। उन्होंने जनरेटर चालू करवाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान वे घबराहट और तनाव से इस कदर परेशान हो गए कि उनके सीने में तेज दर्द होने लगा और वे गिर पड़े।

हार्ट अटैक से हुई मौत

कुछ ही देर बाद बिजली वापस आ गई और लिफ्ट का दरवाजा खुल गया, जिससे देवांश सुरक्षित बाहर आ गया। लेकिन ऋषिराज की हालत खराब हो चुकी थी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, ऋषिराज की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई, जिसका मुख्य कारण अचानक सदमे और घबराहट से हुआ पैनिक अटैक था।

5 सालों में पैनिक अटैक के मामलों में बड़ी वृद्धि

पैनिक अटैक एक ऐसी मानसिक स्थिति है जिसमें व्यक्ति अचानक अत्यधिक डर या चिंता की स्थिति में आ जाता है। यह समस्या व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों पर असर डालती है। 2025 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में पिछले पांच वर्षों में पैनिक अटैक के मामलों में 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। खासकर शहरी इलाकों में, तनाव और जीवनशैली से जुड़ी परेशानियां तेजी से बढ़ रही हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पैनिक अटैक सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

पैनिक अटैक के क्या हैं लक्षण

पैनिक अटैक के दौरान शरीर में कई तरह के लक्षण सामने आते हैं, जैसे दिल की धड़कन तेज हो जाना, सांस लेने में कठिनाई, पसीना आना, चक्कर आना और सीने में दर्द महसूस होना। कई बार ये लक्षण इतने तीव्र होते हैं कि व्यक्ति को हार्ट अटैक जैसा एहसास होने लगता है।

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