मां की आखिरी इच्छा के लिए झेली ट्रोलिंग, जायद खान ने तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों हुआ हिंदू रीति से अंतिम संस्कार

Zayed Khan Statement: जरीन खान के निधन के बाद हिंदू रीति से हुए अंतिम संस्कार पर उठे सवालों पर जायद खान ने चुप्पी तोड़ी और मां की आखिरी इच्छा का भावुक खुलासा किया।
Zarine Khan Funeral
जायद खान और जरीन खान (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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Zarine Khan Funeral: पिछले साल पूर्व अभिनेत्री जरीन खान के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार को लेकर सोशल मीडिया पर काफी विवाद देखने को मिला था। मुस्लिम परिवार से जुड़े होने के बावजूद, उनके बेटे जायद खान ने हिंदू रीति-रिवाजों से मां का अंतिम संस्कार किया, जिस पर कई लोगों ने सवाल उठाए। अब इस पूरे मामले पर जायद खान ने खुलकर अपनी बात रखी है और मां की आखिरी इच्छा का खुलासा किया है।

हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में जायद खान इस मुद्दे पर बात करते हुए भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि उनकी मां की एक खास इच्छा थी, जिसे पूरा करना उनके लिए सबसे ज्यादा जरूरी था। जायद के मुताबिक, उनकी मां चाहती थीं कि उनके निधन के बाद उनकी अस्थियों को किसी नदी में विसर्जित किया जाए, ताकि उन्हें ‘मुक्ति’ मिल सके।

जायद खान ने मां को लेकर तोड़ी चुप्पी

जायद ने उस पल को याद करते हुए बताया कि एक बार उनकी मां एक खूबसूरत नदी के किनारे बैठी थीं और उन्होंने अचानक कहा था कि अगर कभी उनका निधन हो जाए, तो उनकी राख इसी तरह पानी में बहा दी जाए। यह उनके दिल के बेहद करीब इच्छा थी, जिसे उन्होंने बेटे के रूप में पूरी करने की जिम्मेदारी निभाई।

अभिनेता ने यह भी साफ किया कि उनका परिवार धर्म को लेकर बहुत निजी सोच रखता है। उन्होंने कहा कि उनके लिए इंसानियत सबसे ऊपर है और धर्म किसी भी इंसान की पहचान तय करने का पैमाना नहीं होना चाहिए। जायद ने बताया कि उनके घर में अलग-अलग धर्म और पृष्ठभूमि के लोग रहते और काम करते हैं, और सभी का सम्मान किया जाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि लोग क्या कहते हैं, इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता। सोशल मीडिया पर मिली आलोचनाओं को लेकर जायद ने कहा कि वह किसी को दोष नहीं देते, बल्कि इसे समाज की सोच का हिस्सा मानते हैं, जो धीरे-धीरे बदल सकता है।

7 नवंबर को जरीन खान का हुआ था निधन

गौरतलब है कि जरीन खान का निधन 7 नवंबर को मुंबई में 81 वर्ष की उम्र में हुआ था। उम्र से जुड़ी बीमारियों के चलते उन्होंने आखिरी सांस ली। पारसी मूल की होने के बावजूद, उनके अंतिम संस्कार हिंदू परंपराओं से किए गए, जो उनकी व्यक्तिगत इच्छा का सम्मान था।

जरीन खान 60 के दशक की जानी-मानी अभिनेत्री थीं और उन्होंने देव आनंद के साथ फिल्म ‘तेरे घर के सामने’ में काम किया था। उन्होंने अभिनेता संजय खान से 1966 में शादी की थी और उनके चार बच्चे हैं, सुजैन खान, जायद, फराह और सिमोन।

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