

Yash Johar Birth Anniversary Special: धर्मा प्रोडक्शंस की नींव रखने वाले दिग्गज फिल्म निर्माता यश जौहर ने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने काफी संघर्ष किया। कभी वह फिल्म सेट पर निर्देशकों के पीछे खड़े होकर काम सीखा करते थे, तो कभी प्रोडक्शन यूनिट का हिस्सा बनकर सिनेमा की बारीकियां समझते थे।
यश जौहर का जन्म 6 सितंबर 1929 को अमृतसर, पंजाब में हुआ था। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपने करियर की शुरुआत एक फोटोग्राफर के तौर पर की। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग प्रोडक्शन हाउस की फिल्मों में काम किया और धीरे-धीरे फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखीं। उन्होंने सुनील दत्त की अजंता आर्ट्स और देव आनंद की नवकेतन फिल्म्स की प्रोडक्शन यूनिट में भी काम किया। इस दौरान वह गाइड, ज्वेल थीफ, प्रेम पुजारी और हरे राम हरे कृष्णा जैसी फिल्मों से जुड़े रहे। सेट पर काम करते हुए उन्होंने कैमरे के पीछे की दुनिया को करीब से समझा।
कई वर्षों तक इंडस्ट्री में काम करने के बाद साल 1976 में यश जौहर ने धर्मा प्रोडक्शंस की स्थापना की। इस बैनर की पहली फिल्म दोस्ताना थी, जो साल 1980 में रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की। इसके बाद धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले कई यादगार फिल्मों का निर्माण हुआ। दुनिया, मुकद्दर का फैसला, अग्निपथ, गुमराह, डुप्लीकेट, कुछ कुछ होता है, कभी खुशी कभी गम और कल हो ना हो जैसी फिल्मों ने दर्शकों के बीच खास जगह बनाई।
यश जौहर ने अपने परिवार को भी सिनेमा से जोड़े रखा। उन्होंने फिल्म निर्माता हिरू जौहर से शादी की। उनके बेटे करण जौहर आज बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्माता और निर्देशक हैं। यश जौहर के निधन के बाद करण जौहर ने धर्मा प्रोडक्शंस की कमान संभाली और इसे आगे बढ़ाया।
यश जौहर का निधन 26 जून 2004 को मुंबई में 74 वर्ष की उम्र में हुआ था। वह कैंसर से भी जूझ रहे थे और उन्हें सीने में संक्रमण की समस्या थी। उनके निधन के बाद करण जौहर ने उनके सपने को आगे बढ़ाया। आज धर्मा प्रोडक्शंस को बॉलीवुड के प्रमुख प्रोडक्शन हाउस में गिना जाता है और इसकी नींव रखने वाले यश जौहर की संघर्ष की कहानी फिल्म इंडस्ट्री के लिए प्रेरणादायक है।