वैजयंतीमाला ने महज 14 साल की उम्र में तमिल फिल्म 'वज़काय' से अपने करियर की शुरुआत की थी, जो बॉक्स ऑफिस पर बेहद सफल रही। इसके बाद 1951 में इसका हिंदी रीमेक 'बहार' नाम से बना। फिल्म 'नागिन' के गाने 'तन डोले मेरा मन डोले' पर उनके डांस ने हर किसी को दीवाना बना दिया था। हालांकि साल 1955 में उनकी लगातार 5 फिल्में फ्लॉप हो गईं और लगा कि उनका करियर खत्म हो गया। लेकिन विमल रॉय की फिल्म 'देवदास' ने उनकी किस्मत बदल दी। पहले नूतन, मीना कुमारी और सुरैया जैसी बड़ी अभिनेत्रियों ने चंद्रमुखी का रोल करने से मना कर दिया था, लेकिन कम उम्र होने के बावजूद वैजयंतीमाला को यह रोल मिला और वह बॉलीवुड की पहली 'चंद्रमुखी' बन गईं।
(सौ. सोशल मीडिया)