67 दिन बाद विक्रम भट्ट को मिली बड़ी राहत, फ्रॉड केस में लंबी कानूनी जंग के बाद पत्नी संग जेल से होंगे रिहा

Vikram Bhatt Fraud Case: 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को अंतरिम जमानत दे दी है और वो 67 दिन बाद जेल से रिहा होंगे।
Vikram Bhatt And His Wife Shwetambari Granted Bail
विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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Vikram Bhatt And His Wife Shwetambari Granted Bail: 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची शामिल थे, ने उदयपुर जेल में बंद दंपति की रिहाई का आदेश दिया। अदालत ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि स्पष्ट शर्तों और नियमों के साथ जमानत आदेश पारित किया जाए। साथ ही, शिकायतकर्ता अजय मुर्डिया और राजस्थान सरकार को 19 फरवरी की अगली सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया गया है।

सुनवाई के दौरान विक्रम भट्ट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि जांच और ट्रायल की प्रक्रिया पूरी होने से पहले आरोपियों को अनिश्चितकाल तक जेल में रखना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने अदालत से सवाल किया कि क्या हर आर्थिक अपराध के आरोप में हिरासत अनिवार्य है? दूसरी तरफ, विपक्षी पक्ष ने यह तर्क रखा कि मामला 30 करोड़ रुपये की गंभीर आर्थिक धोखाधड़ी से जुड़ा है, इसलिए इसे साधारण विवाद की तरह नहीं देखा जा सकता।

7 दिसंबर से पत्नी संग जेल में बंद है विक्रम भट्ट

बताया जा रहा है कि पीठ ने टिप्पणी की कि आपराधिक कानून का इस्तेमाल केवल धन-वसूली के साधन के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल दोनों को जमानत बांड के अधीन अंतरिम राहत दी जा रही है और मामले की विस्तृत सुनवाई आगे जारी रहेगी।

गौरतलब है कि विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी को मुंबई से गिरफ्तार कर दिसंबर 2025 में उदयपुर लाया गया था। 7 दिसंबर से दोनों जेल में बंद थे। इससे पहले 31 जनवरी को राजस्थान उच्च न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी और आरोपों की गंभीरता का हवाला देते हुए राहत देने से इनकार किया था।

30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का लगा था आरोप

शिकायतकर्ता अजय मुर्डिया का आरोप है कि फिल्म प्रोजेक्ट के नाम पर 30 करोड़ रुपये लिए गए और रकम का दुरुपयोग किया गया। कथित तौर पर फर्जी बिलों के जरिए धन को निजी खातों में ट्रांसफर किया गया।

इसी बीच, एक अन्य शिकायत में विक्रम भट्ट और उनकी बेटी कृष्णा भट्ट सारदा पर 13.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप दर्ज है। इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा की जा रही है। अब सबकी नजर अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां मामले की दिशा और साफ हो सकती है।