

मुंबई: नागा चैतन्य और साई पल्लवी की फिल्म तंडेल पाकिस्तान में फंसे भारतीय मछुआरों के रिहाई की मार्मिक कहानी है। इस फिल्म के निर्माण में तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के परिवार ने अहम योगदान दिया। दरअसल सुषमा स्वराज ने उस वक्त पाकिस्तान जेल में बंद भारतीय मछुआरों के रिहाई के लिए काफी प्रयास किया था, जिसके लिए बाद में उनकी बेटी ने भी कड़ी मेहनत की। फिल्म निर्माण के समय भी सुषमा स्वराज का फुटेज फिल्म मेकर को चाहिए था, जिसे सुषमा स्वराज के परिवार ने मुहैया कराया।
फिल्म निर्माता बन्नी वासु ने खुद अपने ट्विटर अकाउंट पर एक नोट लिखते हुए स्वराज परिवार के लिए आभार व्यक्त किया है, उन्होंने लिखा साल 2017 और 18 में पाकिस्तानी जेलों में फांसी मछुआरों को वापस देश लाने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज के सराहनी कार्य को प्रदर्शित करने का अवसर देने के लिए उनकी बेटी बांसुरी स्वराज का हार्दिक आभार। राजू और सत्या की हमारी सच्ची कहानी में नाम साझा करने की अनुमति देने के लिए आपका समर्थन हमारे लिए बहुत मायने रखता है।
फिल्म की कहानी 2018 में हुई सच्ची घटना पर आधारित है। जिसमें भारतीय मछुआरों को पाकिस्तानी सेना ने बंदी बना लिया था और जेल में डाल दिया था। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उन भारतीय मछुआरों को देश वापस लाने के लिए कड़ी मेहनत की थी और उनके निधन के बाद उनकी बेटी बांसुरी स्वराज ने 22 मछुआरों को भारत वापस लाने के लिए खुद प्रयास किया था।