

इसलिए अजय सिंह से सनी देओल बनकर कमायी फिल्मी शोहरत
एक्टिंग की पढ़ाई के साथ-साथ ये कमी दूर करने के लिए गए थे इंग्लैंड
इसके लिए बर्मिंघम के ओल्ड रेप थिएटर में ली लंबी ट्रेनिंग
शशि कपूर ने की थी एडमिशन कराने में परिवार की भरपूर मदद
Sunny Deol Unknown Facts: बड़े पर्दे पर अपनी बुलंद आवाज और फौलादी इरादों से विलेन के पसीने छुड़ाने वाले सनी देओल को हर कोई एक बेहद आक्रामक अभिनेता के रूप में देखता है।
लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि रील लाइफ में गरजने वाले सनी पाजी असल जिंदगी में बेहद 'अल्ट्रा-शर्मीले' स्वभाव के इंसान हैं। शुरुआती दिनों में उनका शर्मीलापन इतना ज्यादा था कि वे किसी अनजान व्यक्ति से ठीक से बात तक नहीं कर पाते थे।
19 अक्टूबर 1956 को पंजाब में जन्मे इस सुपरस्टार का कागजों और आधिकारिक दस्तावेजों में दर्ज असली नाम अजय सिंह देओल है। बचपन में उनके पिता और हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र और परिवार के बाकी सदस्य उन्हें प्यार से 'सनी' कहकर पुकारा करते थे। पंजाब और उत्तर भारतीय परिवारों में बच्चों को प्यार से सनी, बॉबी या मुन्ना जैसे निकनेम देना बहुत आम बात मानी जाती है।
साल 1983 में जब धर्मेंद्र अपने बड़े बेटे को फिल्म 'बेताब' से बॉलीवुड में बड़े स्तर पर लॉन्च कर रहे थे, तब उनके स्क्रीन नेम को लेकर काफी विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने अपने पारंपरिक और भारी-भरकम असली नाम 'अजय सिंह देओल' की जगह अपने प्यारे पेट नेम 'सनी' को ही फिल्मी दुनिया का स्क्रीन नेम चुना। यह फैसला छोटा और कैची नाम दर्शकों के बीच तुरंत लोकप्रिय बनाने की सोच से लिया गया था।
'अजय सिंह देओल' बोलने और याद रखने में थोड़ा औपचारिक और भारी लगता था, जबकि सनी देओल बहुत आसान, छोटा और हर किसी की जुबां पर तुरंत चढ़ जाने वाला नाम था। बॉलीवुड में अक्सर छोटे और अलग नाम दर्शकों का ध्यान तेजी से खींचते हैं। धर्मेंद्र का यह फैसला एकदम सटीक साबित हुआ और पहली ही फिल्म 'बेताब' की छप्परफाड़ ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद वे देश के हर घर में 'सनी' नाम से पहचाने जाने लगे।
यह दिलचस्प बात केवल सनी देओल तक ही सीमित नहीं रही। अपने बड़े भाई के रास्ते पर चलते हुए उनके छोटे भाई ने भी यही तरीका अपनाया। उनका आधिकारिक और असली नाम विजय सिंह देओल है, लेकिन उन्होंने भी अपने घर के निकनेम 'बॉबी' को अपना फिल्मी स्क्रीन नेम बनाया और आज पूरी दुनिया उन्हें बॉबी देओल के नाम से जानती है। यहाँ तक कि उनके पिता धर्मेंद्र का असली नाम भी धरम सिंह देओल ही है।
फिल्मों में कदम रखने से पहले सनी देओल ने तय किया कि वे बिना किसी तैयारी के सीधे कैमरे के सामने नहीं आएंगे। वे अभिनय की बारीकियां और थिएटर की ट्रेनिंग लेने के लिए सीधे इंग्लैंड चले गए। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह उनका अत्यधिक शर्मीला स्वभाव था। वे अपनी झिझक, संकोच और सार्वजनिक रूप से बोलने में होने वाली शर्म को पूरी तरह से खत्म करना चाहते थे।
भारत में सनी देओल सुपरस्टार धर्मेंद्र के बेटे के तौर पर जाने जाते थे। यहाँ हर कोई उन्हें खास पहचान देता था, जिसकी वजह से वे खुलकर सीख नहीं पाते थे। वे एक ऐसी जगह जाना चाहते थे जहाँ उन्हें कोई न पहचाने और वे किसी आम छात्र की तरह सामान्य जिंदगी जी सकें। इंग्लैंड जाने से उन्हें अपनी पहचान के दबाव से मुक्ति मिली और वे पूरी आजादी के साथ अपनी कमियों पर काम कर सके।
सनी देओल ने इंग्लैंड के बर्मिंघम शहर में स्थित मशहूर 'द ओल्ड रेप थिएटर' में दाखिला लिया। वहाँ वे करीब डेढ़ साल तक रहे और मंच पर लाइव परफॉर्म करने के साथ-साथ स्पीकिंग स्किल्स और डायलॉग डिलीवरी की गहन ट्रेनिंग ली। इस प्रतिष्ठित एक्टिंग स्कूल में एडमिशन दिलवाने में अपने जमाने के मशहूर और शालीन अभिनेता शशि कपूर ने सनी की सिफारिश की थी।
इंग्लैंड में बिताए उस डेढ़ साल ने सनी देओल के भीतर छिपे संकोच को पूरी तरह बाहर निकाल दिया और उन्हें एक मजबूत अभिनेता के रूप में गढ़ा। आज भले ही दुनिया उन्हें उनके असली नाम अजय सिंह देओल से न जानती हो, लेकिन बर्मिंघम के थिएटर से शुरू हुआ उनका सफर आज बॉलीवुड का एक सबसे पावरफुल और आइकॉनिक ब्रांड बन चुका है।