

Sunil Grover Birthday Special: टेलीविजन की दुनिया में जब भी कॉमेडी और बेहतरीन एक्टिंग की बात होती है, तो सुनील ग्रोवर का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। छोटे पर्दे पर गुत्थी, पिंकी भाभी और डॉक्टर फेमस गुलाटी जैसे यादगार किरदारों को जीवंत करने वाले इस कलाकार ने हर उम्र के दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई है। अपनी अनूठी अदाकारी और कॉमिक टाइमिंग से लोगों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरने वाले इस सितारे का सफर इतना आसान नहीं था। छोटे पर्दे पर अपार सफलता हासिल करने से पहले उन्होंने संघर्ष और कड़ी मेहनत का एक लंबा दौर देखा है। उनकी पर्सनल और पेशेवर जिंदगी से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं, जो उनकी इस पूरी यात्रा को बेहद प्रेरणादायक बनाती हैं।
हरियाणा के सिरसा शहर में जन्मे सुनील ग्रोवर ने अपनी हायर एजुकेशन चंडीगढ़ से हासिल की, जहां उन्होंने थिएटर में मास्टर्स डिग्री पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उनके अंदर छिपे एक्टिंग के हुनर को पहचान मिली थी। उस दौर के फेमस कॉमेडियन जसपाल भट्टी ने कॉलेज के एक नाटक में एक्टिंग करते समय उनकी प्रतिभा को भांप लिया था। जसपाल भट्टी के मार्गदर्शन ने उन्हें एक्टिंग फिल्ड में आगे बढ़ने का नया हौसला दिया। पारिवारिक जीवन की बात करें तो वह शादीशुदा हैं और उनके बेटे का नाम मोहन ग्रोवर है।
टेलीविजन की दुनिया में नाम कमाने से बहुत पहले उन्होंने अपनी आवाज का जादू रेडियो पर बिखेरा था। एफएम रेडियो चैनल रेडियो मिर्ची के फेमस हंसी के फुव्वारे में वह सुदर्शन यानी सुड नाम से शो होस्ट किया करते थे।
साधारण और साधारण से दिखने वाले चुटकुलों को भी अपनी खास आवाज और अंदाज में पेश करके वह श्रोताओं को लोटपोट कर देते थे। उनकी इसी बेहतरीन वॉइस परफॉर्मेंस के लिए उन्हें प्रतिष्ठित अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था। रेडियो का यह अनुभव उनके एक्टिंग करियर के लिए एक बड़ा पत्थर साबित हुआ।
अपनी कॉमेडी से लाखों लोगों को हंसाने वाले सुनील ग्रोवर के पास चुटकुलों को परखने का एक अनोखा तरीका है। वह सार्वजनिक रूप से किसी भी जोक को सुनाने से पहले उसे अपनी पत्नी आरती पर आजमाते हैं।
यदि उनकी पत्नी उस चुटकुले पर हंस देती हैं, तो ही वह उसे दर्शकों के सामने पेश करने का फैसला लेते हैं। यदि उन्हें पत्नी की ओर से हरी झंडी नहीं मिलती, तो उस जोक को वहीं छोड़ दिया जाता है।
कॉमेडी के नाम पर परोसी जाने वाली अश्लीलता और द्विअर्थी डायलॉग से वह हमेशा परहेज करते हैं। सुनील ग्रोवर मानना है कि पारिवारिक शो का दायरा ऐसा होना चाहिए जिसे घर के बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक एक साथ बैठकर बिना किसी झिझक के देख सकें।
मुख्य भूमिका के तौर पर फिल्म कॉफी विद डी से शुरुआत करने से पहले उन्होंने प्यार तो होना ही था, अजय देवगन की सुपरहिट फिल्म द लीजेंड ऑफ भगत सिंह, जिला गाजियाबाद, गब्बर इज बैक और बागी जैसी कई पॉपुलर फिल्मों में भी अपनी एक्टिंग की छाप छोड़ी है।