Suchitra Sen Birth Anniversary: उसूलों के चलते सुचित्रा सेन ने ठुकरा दी थी दादासाहेब फाल्के पुरस्कार

सुचित्रा सेन ने बंगाली सिनेमा के साथ हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपने अभिनय की छाप छोड़ीं। एक्ट्रेस ने देवदास, आंधी और बॉम्बे का बाबू सहित कई फिल्मों में काम किया था। एक्ट्रेस का अभिनय करियर लगभग तीन दशकों तक फैला हुआ था।
Suchitra Sen Birth Anniversary: उसूलों के चलते सुचित्रा सेन ने ठुकरा दी थी दादासाहेब फाल्के पुरस्कार
सुचित्रा सेन (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

मुंबई: बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस सुचित्रा सेन का जन्म 6 अप्रैल 1931 को पूर्वी बंगाल के हीरामोन गांव में हुआ था। एक्ट्रेस का असली नाम रोमा दासगुप्ता था, लेकिन फिल्मों में अभिनय करने के दौरान उन्होंने सुचित्रा सेन नाम अपनाया। उन्होंने बंगाली सिनेमा के साथ हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपने अभिनय से अमिट छाप छोड़ी थीं। एक्ट्रेस ने बॉलीवुड के कई दिग्गज कलाकारों के साथ काम किया है।

सुचित्रा सेन शानदार एक्ट्रेस होने के अलावा स्वाभिमानी व्यक्तित्व वाली शख्सियत थीं। साल 1947 में सुचित्रा सेन की शादी बंगाल के जाने-माने उद्योगपति अदिनाथ सेन के बेटे दीबानाथ सेन से हो गई। शादी के पांच साल बाद सुचित्रा सेन ने अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। सुचित्रा सेन ने अपने अभिनय की शुरुआत 1952 में की थी। एक्ट्रेस की पहली फिल्म 'शेष कोथाय' थी, लेकिन अफसोस इस नाम से यह फिल्म कभी रिलीज ही नहीं हो सकी। हालांकि इसी साल उनकी एक और बांग्ला फिल्म 'सारे चतुर' रिलीज हुई, जो उनकी पहली फिल्म कही जाती है।

फिल्म 'सारे चतुर' में सुचित्रा सेन अभिनेता उत्तम कुमार के साथ नजर आईं। सुचित्रा और उत्तम कुमार की जोड़ी सुपरहिट हो गई। इसके बाद दोनों ने एक साथ एक से बढ़कर एक कई फिल्में दीं। सुचित्रा की कुल 61 फिल्मों में से 30 उत्तम कुमार के साथ थी। सुचित्रा सेन ने हिंदी सिनेमा को कई शानदार फिल्म दी थीं। उन्होंने देवदास, आंधी और बॉम्बे का बाबू सहित कई हिंदी फिल्मों में काम किया था। एक्ट्रेस का अभिनय करियर लगभग तीन दशकों तक फैला हुआ था।

सुचित्रा सेन ने साल 2005 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार का प्रस्ताव महज इसीलिए ठुकरा दिया था क्योंकि इसके लिए उन्हें कोलकाता छोड़कर दिल्ली जाना पड़ता। साथ ही उन्हें अपना यह वादा भी पूरा करना था कि वह पब्लिक के बीच नहीं दिखेंगी। दरअसल सुचित्रा सेन ने फिल्मों से संन्यास लेने के बाद खुद से वादा किया था कि वह कभी भी पब्लिक के बीच नहीं आएंगी।

सुचित्रा सेन का व्यक्तिगत जीवन भी बहुत दिलचस्प था। वे बहुत ही शांत और साधारण जीवन जीने वाली महिला थीं, और सार्वजनिक जीवन से दूर रहकर उन्होंने परिवार और निजी जीवन पर अधिक ध्यान केंद्रित किया। 2014 में उनका निधन हुआ, लेकिन आज भी उनकी फिल्मों और उनके अभिनय की यादें जीवित हैं। सुचित्रा सेन ने भारतीय सिनेमा में जो योगदान दिया, वह हमेशा याद रखा जाएगा और वे सिनेमा प्रेमियों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com