

Miss World Competition 2026: पूरी दुनिया में इस समय मिस वर्ल्ड कॉम्पीटिशन की धूम मची हुई है। मिस वर्ल्ड सिर्फ एक ब्यूटी पेजेंट नहीं है, बल्कि ये हफ्तों तक चलने वाला एक त्योहार है, जिसे ग्लैमर की दुनिया बहुत शानदार तरीके से सेलिब्रेट करती है।
इस कॉम्पीटिशन में कंटेस्टेंट की खूबसूरती के साथ ही उनकी सोच की भी परीक्षा होती है। मिस वर्ल्ड कॉम्पीटिशन के लिए आम तौर पर हर देश की नेशनल ब्यूटी पेजेंट विनर हिस्सा लेती है। इसके बाद इन सभी खूबसूरत मॉडल्स को कई हफ्तों तक अलग-अलग पड़ावों से गुजरना पड़ता है। मिस वर्ल्ड कॉम्पीटिशन का फिनाले 5 सितंबर 2026 को वियतनाम के न्हा ट्रांग में आयोजित होने वाला है।
मिस वर्ल्ड कॉम्पीटिशन की तैयारियां पहले से ही शुरू हो जाती है। इसके लिए पहले हर देश में नेशनल लेवल पर मिस इंडिया कॉम्पीटिशन जैसे ब्यूटी पेजेंट कॉम्पीटिशन का आयोजन होता है। इन कॉम्पीटिशन को जीतने वाली कंटेस्टेंट की सीधे तौर पर मिस वर्ल्ड कॉम्पीटिशन में एंट्री होती है। इसके बाद दुनिया भर से आने वाली सभी नेशनल विनर्स कई हफ्तों तक अलग-अलग एक्टिविटीज और कॉम्पीटिशन में हिस्सा लेती हैं। सभी पड़ावों को पार करने के बाद ही फिनाले में मिस वर्ल्ड का ऐलान किया जाता है। ये कॉम्पीटिशन का हिस्सा बने रहना काफी मुश्किल होता है, विश्व स्तर पर पहुंचने के बाद सभी कॉम्पीटिटर्स को ब्यूटी विद द पर्पस, हेड टू हेड डिबेट, टॉप मॉडल और टैलेंट जैसे कई सेगमेंट से गुजरना होता है।
मिस वर्ल्ड 2026 का आयोजन वियतनाम के न्हा ट्रांग में आयोजित हो रहा है। इस कॉम्पीटिशन की शुरुआत 9 अगस्त को हुई थी और 5 सितंबर को मिस वर्ल्ड 2026 का ग्रैंड फिनाले आयोजित होने वाला है। मिस वर्ल्ड 2026 का ग्रैंड फिनाले खान्ह होआ प्रांत के न्हा ट्रांग में स्थित अप्रैल सेकेंड स्क्वायर में आयोजित होने वाला है। अब की बार मिस वर्ल्ड कॉम्पीटिशन 2026 के लिए भारत का प्रतिनिधित्व उज्जैन की निकिता पोरवाल करने जा रही है।
मिस वर्ल्ड 2026 कॉम्पीटिशन के लिए कितना खर्च आता है इसकी संभावित राशि बता पाना काफी मुश्किल होता है। हालांकि मिस वर्ल्ड कॉम्पीटिशन के 72 सीजन के आयोजन का कुल खर्च 50 से 55 करोड़ तक आ सकता है। साल 2025 में मिस वर्ल्ड कॉम्पीटिशन का आयोजन भारत के हैदराबाद में आयोजित हुआ था, जिसमें लगभग खर्च 30 करोड़ रुपये दर्ज हुआ था, जिसमें प्रायोजकों और सरकार की भी हिस्सेदारी भी शामिल थी।
टॉप 40
मिस वर्ल्ड 2026 के टॉप 40 में जगह पाने के लिए मॉडल्स को ब्यूटी विथ अ पर्पस, मल्टीमीडिया, हेड-टू-हेड, टॉप मॉडल और पिपल्स चॉइल्स जैसे चैलेंज काफी अहम होते हैं। टैलेंट और स्पोर्ट्स के ओवरऑल विनर्स को टॉप 40 में जगह मिल सकती है।
टॉप 20
टॉप 40 में सिलेक्शन के बाद कई चैलेंज को पार करने के बाद ये संख्या घटकर 20 हो जाती है। जिसमें से कुछ कंटेस्टेंट्स चैलेंज के चलते ऑटोमेटिक क्वालिफाई करती है और बाकी का सिलेक्शन जज करते हैं।
टॉप 12
टॉप 20 में से फिर चैलेंजेस के बाद संख्या घटकर टॉप 12 हो जाती है। इस पड़ाव में जजेस के साथ पिपल्स च्वाइस पब्लिक वोटिंग भी अहम भूमिका निभाती है।
टॉप 6
टॉप 12 में से फिर से छंटनी होकर ये संख्या टॉप 6 हो जाती है। जिसमें कॉन्टिनेंटल सिलेक्शन, ब्यूटी विथ पर्पस और पिपल्स च्वाइस अहम भूमिका निभाते है।
फाइनल क्राउन
फाइनल क्राउन में जजेस टॉप 6 को लेकर अंतिम फैसला लेते हैं और फिर 3 मुख्य पोजिशन्स का ऐलान होता है। जिसमें मिस वर्ल्ड 2026, फर्स्ट रनर-अप और सेकेंड रनर-अप का ऐलान किया जाता है। इस कॉम्पीटिशन के लिए सिर्फ ब्यूटी ही नहीं, बल्कि सोशल वर्क, टैलेंट, कम्यूनिकेशन स्किल्स, पर्सनलिटी और पर्पस भी कॉम्पीटिशन का अहम हिस्सा साबित होते हैं।
इस साल मिस वर्ल्ड 2026 काफी स्पेशल साबित होने वाला है। वियतनाम में आयोजित इस कार्यक्रम के इस साल 75 साल पूरे होने वाले हैं। मिस वर्ल्ड कॉम्पीटिशन की शुरुआत साल 1951 में लंदन से हुई थी और इस साल उसके इतिहास का स्पेशल एनीवर्सरी एडिशन है।