तिहाड़ जेल में बंद राजपाल यादव को सोनू सूद का सहारा, फिल्म में दिया काम, बोले- ये मदद नहीं सम्मान है

Sonu Sood Supports Rajpal Yadav: तिहाड़ जेल में बंद राजपाल यादव को सोनू सूद का सहारा मिला है। सोनू ने अपनी फिल्म में उन्हें काम देने का ऐलान किया और साइनिंग अमाउंट देने की बात कही।
Sonu Sood Supports Rajpal Yadav Tihar Jail film offer cheque bounce case
राजपाल यादव और सोनू सूद (फोटो- सोशल मीडिया)
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Sonu Sood On Rajpal Yadav: हिंदी सिनेमा के दमदार अभिनेता और मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। चेक बाउंस मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर करने के बाद उनकी स्थिति ने फिल्म इंडस्ट्री को झकझोर कर रख दिया है। सरेंडर से पहले राजपाल यादव अधिकारियों के सामने भावुक नजर आए थे और उन्होंने कहा था कि उनके पास पैसे नहीं हैं और वह इस वक्त अकेले पड़ गए हैं। इसी बीच अभिनेता सोनू सूद उनके समर्थन में आगे आए हैं और उन्होंने न सिर्फ राजपाल के लिए आवाज उठाई, बल्कि बॉलीवुड से भी एक भावुक अपील की है।

सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट शेयर कर राजपाल यादव की तारीफ करते हुए लिखा कि वह एक गिफ्टेड अभिनेता हैं, जिन्होंने सालों तक इंडस्ट्री को हंसाया है। सोनू ने कहा कि कई बार जिंदगी टैलेंट की वजह से नहीं, बल्कि हालातों की वजह से मुश्किल हो जाती है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि राजपाल यादव उनकी आने वाली फिल्म का हिस्सा होंगे और इसके लिए उन्हें अभी से साइनिंग अमाउंट दिया जा रहा है।

सोनू सूद ने की राजपाल यादव का साथ देने की अपील

सोनू सूद ने साफ शब्दों में लिखा कि फ्यूचर के काम के बदले दिया जाने वाला साइनिंग अमाउंट दान नहीं, बल्कि सम्मान है। उन्होंने इंडस्ट्री के प्रोड्यूसर्स, डायरेक्टर्स और कलाकारों से अपील की कि इस मुश्किल वक्त में सभी को एकजुट होकर राजपाल यादव का साथ देना चाहिए, ताकि उन्हें यह एहसास हो सके कि वह अकेले नहीं हैं। सोनू के मुताबिक, यही समय है जब इंडस्ट्री को साबित करना चाहिए कि वह सिर्फ काम करने की जगह नहीं, बल्कि एक परिवार भी है।

चेक बाउंस केस में फंसे राजपाल यादव

राजपाल यादव का यह कानूनी मामला साल 2010 से चल रहा है। उन्होंने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होने के बाद वह यह रकम चुकाने में असमर्थ रहे और दिए गए चेक बाउंस हो गए। मामला कोर्ट तक पहुंचा और अप्रैल 2018 में राजपाल और उनकी पत्नी को 6 महीने की सजा सुनाई गई थी, जिसे उन्होंने चुनौती दी थी। हालांकि, बार-बार राहत मिलने के बावजूद जब वह रकम नहीं चुका पाए, तो कोर्ट ने हाल ही में सरेंडर का आदेश दिया।

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