ऑनलाइन बेटिंग ऐप केस में सोनू सूद से पूछताछ, पहले युवराज-रैना-धवन भी हो चुके हैं तलब

Sonu Sood News: सोनू सूद से ED ने अवैध ऑनलाइन बेटिंग ऐप वनएक्सबेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूछताछ की। इससे पहले ईडी युवराज सिंह, सुरेश रैना, शिखर धवन और मिमी चक्रवर्ती से भी पूछताछ कर चुकी है।
ऑनलाइन बेटिंग ऐप केस में सोनू सूद से पूछताछ, पहले युवराज-रैना-धवन भी हो चुके हैं तलब
ऑनलाइन बेटिंग ऐप केस में सोनू सूद से पूछताछ
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Online Betting App Case: बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर पूछताछ के लिए पहुंचे। एजेंसी उनसे कथित अवैध ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सवाल-जवाब करेगी। जानकारी के मुताबिक यह वही मामला है जिसमें हाल ही में कई क्रिकेटर्स और फिल्मी हस्तियों से पूछताछ की जा चुकी है। ईडी की जांच ‘वनएक्सबेट’ नामक सट्टेबाजी ऐप से जुड़ी हुई है। यह ऐप भारत में गैरकानूनी है, लेकिन कथित तौर पर इसके जरिए बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन और टैक्स चोरी की गई।

आरोप है कि इस ऐप से जुड़ी कंपनियों ने सेलिब्रिटीज से विज्ञापन कराकर लोगों को प्लेटफॉर्म से जोड़ने की कोशिश की। इससे पहले इसी मामले में ईडी पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह, सुरेश रैना और शिखर धवन से लंबी पूछताछ कर चुकी है। 23 सितंबर को युवराज सिंह से पूछताछ की गई थी। वहीं, अभिनेत्री और पूर्व टीएमसी सांसद मिमी चक्रवर्ती का भी बयान दर्ज किया जा चुका है। चक्रवर्ती पर आरोप है कि वे कुछ विज्ञापनों और वित्तीय लेन-देन के जरिए इस ऐप से जुड़ी रही हैं।

वनएक्सबेट क्या है

कंपनी के अनुसार ‘वनएक्सबेट’ खुद को एक ग्लोबल बेटिंग ब्रांड बताती है। इसके मुताबिक, उनके पास 18 साल का अनुभव है और यह ऐप 70 भाषाओं में उपलब्ध है। ग्राहक यहां हजारों खेल आयोजनों पर दांव लगा सकते हैं। हालांकि भारत में वास्तविक धन से ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग पर कानूनन रोक है। हाल ही में केंद्र सरकार ने इसको लेकर सख्त कदम भी उठाए हैं। ईडी ने PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत यह केस दर्ज किया है।

क्या है पूरा मामला

जांच एजेंसी को शक है कि इस ऐप के जरिए न सिर्फ टैक्स चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग की गई, बल्कि करोड़ों रुपये अवैध तरीके से देश से बाहर भी भेजे गए। एजेंसी आने वाले दिनों में और भी क्रिकेटरों व सेलिब्रिटीज को पूछताछ के लिए बुला सकती है। सोनू सूद से आज की पूछताछ में यह जानने की कोशिश होगी कि उनका इस ऐप से क्या सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध रहा है। सूत्रों के अनुसार ईडी जल्द ही इस मामले में उन लोगों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर सकता है जो एप की प्रचार गतिविधियों से अर्जित कथित आपराधिक आय का इस्तेमाल करते पाए गए हैं।

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