

Singeetham Srinivasa Rao Death: भारतीय सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर सिंगीताम श्रीनिवास राव का 94 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने 3 अक्टूबर की रात चेन्नई के एक निजी अस्पताल में आखिरी सांस ली। वह उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते इलाज करा रहे थे। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद साउथ फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। एसएस राजामौली, जूनियर एनटीआर और कमल हासन समेत कई दिग्गजों ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।
एसएस राजामौली ने सिंगीताम श्रीनिवास राव को याद करते हुए कहा कि वह सिर्फ एक फिल्ममेकर नहीं थे, बल्कि उन्होंने आने वाली पीढ़ियों को अलग तरह से सिनेमा सोचने की प्रेरणा दी। राजामौली ने कहा कि जब फिल्ममेकिंग में आज जैसी तकनीक और बजट उपलब्ध नहीं थे, तब भी सिंगीताम ने बड़े और अनोखे विचारों पर काम करने का साहस दिखाया।
राजामौली ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा कि सिंगीताम ने बिना डायलॉग वाली फिल्म बनाई, दर्शकों को समय की यात्रा कराई और कॉमेडी, फैंटेसी से लेकर गंभीर कहानियों तक हर शैली को अपनी अलग सोच के साथ पर्दे पर उतारा। राजामौली ने कहा कि तेलुगु सिनेमा में अलग करने की कोशिश करने वाला लगभग हर फिल्ममेकर उनसे किसी न किसी तरह प्रभावित रहा है और वह भी उनमें से एक हैं।
जूनियर एनटीआर ने भी सिंगीताम श्रीनिवास राव के निधन पर दुख जताया। उन्होंने 'अदित्या 369', 'पुष्पक विमानम' और 'मयूरी' जैसी फिल्मों का जिक्र करते हुए उन्हें अपने समय से बहुत आगे सोचने वाला फिल्ममेकर बताया। एनटीआर ने कहा कि उनकी बनाई फिल्में कई पीढ़ियां गुजरने के बाद भी नई और प्रासंगिक लगती हैं। उन्होंने फिल्ममेकर के परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
सिंगीताम श्रीनिवास राव और कमल हासन ने कई यादगार फिल्मों में साथ काम किया था। 'पुष्पक विमानम' और 'अपूर्व सगोदरर्गल' जैसी फिल्मों में दोनों की शानदार साझेदारी देखने को मिली। ऐसे में कमल हासन की श्रद्धांजलि बेहद भावुक रही। कमल हासन ने कहा कि सिंगीताम की युवा सोच और ऊर्जा बहुत कम लोगों तक पहुंच पाई। उन्होंने खुद को उन लोगों में बताया, जो सिंगीताम के साथ चले और उनका हाथ थामकर आगे बढ़े।
सिंगीताम श्रीनिवास राव का फिल्मी करियर छह दशक से ज्यादा लंबा रहा। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दिग्गज फिल्ममेकर केवी रेड्डी के साथ काम करके की थी और 1957 की क्लासिक फिल्म 'मायाबाजार' से भी जुड़े रहे। बाद में उन्होंने निर्देशन की कमान संभाली और 60 से ज्यादा फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी खासियत अलग-अलग जॉनर में प्रयोग करना थी। उन्होंने कॉमेडी, फैंटेसी, ड्रामा और साइंस फिक्शन जैसी शैलियों में काम किया।