

Satyaraj Birthday Special: भारतीय सिनेमा में जब भी राजामौली की ब्लॉकबस्टर फिल्म बाहुबली की चर्चा होती है, तो दर्शकों के मन में सबसे पहले वफादार सेनापति कटप्पा की तस्वीर उभरती है। इस यादगार रोल को अपनी एक्टिंग से अमर बनाने वाले एक्टर सत्यराज का जन्म 3 अक्टूबर को हुआ था।
उन्होंने सिनेमा जगत में अपना एक खास मुकाम हासिल किया है, लेकिन यहाँ तक पहुँचने की राह उनके लिए कतई आसान नहीं थी। पारिवारिक असहमति से लेकर करियर के शुरुआती दौर की चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने यह मुकाम पाया है।
सत्यराज का असली नाम रंगाराज सुबय्या है और उनका झुकाव बचपन से ही कला की तरफ था। हालांकि उनकी मां कभी नहीं चाहती थीं कि वह एक्टिंग करें। परिवार की इच्छा के उल्टे जाकर उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने का साहसी कदम उठाया।
उन्होंने अपना होमटाउन कोयंबटूर छोड़ दिया और चेन्नई आकर अपनी पहचान बनाने की जद्दोजहद में जुट गए। यह फैसला उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।
साल 1978 में फिल्म सत्तम एन कैइयिल से सत्यराज ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। करियर के शुरुआती दौर में उन्हें केवल नेगेटिव या छोटे-मोटे रोल ही मिला करते थे। संघर्ष के दिनों में उन्होंने 1978 से 1985 के बीच लगभग 75 फिल्मों में काम कर लिया था।
दिलचस्प बात यह है कि जब वह महज 31 साल के थे, तब उन्होंने एक फिल्म में एक्टर रजनीकांत के पिता का रोल निभाई थी, जबकि रजनीकांत उम्र में उनसे 4 साल बड़े थे।
तमिल सिनेमा में बतौर मुख्य एक्टर और को-एक्टर अपनी अलग पहचान बनाने के बाद सत्यराज ने हिंदी सिनेमा में भी अपना रुख किया। शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण अभिनीत सुपरहिट फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस में उन्होंने दीपिका के पिता दुर्गेश्वर पेरुमल का सख्त रोल निभाया था। इस फिल्म में उनके बोल्ड और प्रभावशाली एक्टिंग को उत्तर भारत के दर्शकों ने भी खूब सराहा और उनके काम को काफी पसंद किया गया।
सत्यराज ने साल 1979 में माहेश्वरी से शादी की थी, जो फिल्म निर्माता मधमपट्टी शिवकुमार की रिश्तेदार हैं। उनका एक बेटा सिबिराज और एक बेटी दिव्या है। उनके बेटे सिबिराज भी एक एक्टर के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रहे हैं, जबकि उनकी बेटी दिव्या एक जानी-मानी न्यूट्रिशनिस्ट हैं। एक साधारण शुरुआत से लेकर भारतीय सिनेमा का जाना-माना नाम बनने तक सत्यराज का यह सफर वाकई प्रेरणादायक है।