संभावना सेठ को मिल रही है पति की दूसरी शादी करवाने की सलाह, ताने पर छलका दर्द

संभावना सेठ ने कुछ समय पहले यह खुलासा किया है कि वह कभी मां नहीं बन सकती। शादी के 8 साल बाद भी मां ना बन पाने को लेकर अब उन्हें सामाजिक तानों से गुजरना पड़ रहा है। लोग उन्हें पति की दूसरी शादी करवाने की सलाह दे रहे हैं।
Sambhavna Seth Advised for Second Marriage of Avinash Dwivedi
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मुंबई: संभावना सेठ ने साल 2016 में अविनाश द्विवेदी से शादी की थी। शादी के 8 साल बीत जाने के बाद वह मां नहीं बन पाई हैं। कुछ समय पहले ही उन्होंने इस बात का खुलासा किया था कि वह कभी भी मां नहीं बन पाएंगी। वो इस बात को लेकर वह दुखी भी हैं, लेकिन अब समाज के लोग उनके इसी दुख का मजाक उड़ा रहे हैं। खुद इस बात का खुलासा संभावना सेठ ने किया है। आइए जानते हैं संभावना सेठ में अपना दर्द बयां करते हुए क्या कुछ कहा है।

संभावना सेठ ने अपनी दर्द भरी दास्तां अपने ब्लॉग में जाहिर की है। उन्होंने बताया कि वह एक ऐसे फील्ड में है जहां इस तरह की बातों को वह ज्यादा माइंड नहीं करती, हालांकि उन्हें फर्क पड़ता है, पर फिर भी वह सोचती है कि न जाने कितने लोग होंगे जो रोज इस तरह का दर्द और ताने झेलते हैं। संभावना सेठ ने आगे बताया कि लोग उनके वीडियो पर गंदे गंदे कमेंट करते हैं। कोई उन्हें ताने मारता है, तो कोई कहता है कि पति की दूसरी शादी करवा दो, कोई यह भी कहता है कि बच्चा नहीं हो सकता इसके यह दिक्कत है।

संभावना ने बताया कि वह भले कहती हैं कि उनको इसे कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन वह इन तानों को सुनकर रोने लगती हैं, उनको उस बात को भूल कर आगे बढ़ना पड़ता है। संभावना यह भी कहती है कि उन बहुओं का क्या होता होगा, जिन्हें सास ननद और रिश्तेदार रोज इस तरह के ताने मारते हैं।

संभावना सेठ ने ट्रोल्स को करारा जवाब भी दिया है उन्होंने कहा है कि क्या बच्चा नहीं होगा तो आपकी लाइफ खत्म हो जाती है, लोग सोचते हैं कि उनके पास यह चीज नहीं है तो इसी पर वार करो उनके पास रुपया पैसा सब है पर बच्चा नहीं है तो इसी को टारगेट करो। बच्चा ही थोड़े ना सब कुछ होता है आपकी हेल्थ भी जरूरी है। किसी की मजबूरी का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। क्योंकि ऊपर वाले की लाठी में आवाज नहीं होती। उन्होंने ट्रोल्स पर भड़कते हुए यह भी कहा कि उन्हें कई महिलाओं ने भी मां ना बन पाने की वजह से ताना मारा है। महिलाएं होकर महिला का दर्द नहीं समझती हैं। मेरे जैसी और भी कई महिलाएं तकलीफ में है क्या उन सभी को फांसी चढ़ा देना चाहिए।

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