10 दिन पहले हुई रेकी...रात में बरसाईं गोलियां! रोहित शेट्टी के घर फायरिंग की साजिश का बड़ा खुलासा

Rohit Shetty Firing Incident: रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं, जिसने सबको चौंका दिया है।
Mumbai Police On Rohit Shetty Firing Case
रोहित शेट्टी (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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Mumbai Police On Rohit Shetty Firing Case: बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक और प्रोड्यूसर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना ने फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ पुलिस महकमे में भी हलचल मचा दी है। इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस हमले के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों का हाथ बताया जा रहा है।

कई दिनों तक रोहित के घर की गई थी रेकी

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, आरोपियों ने फायरिंग से पहले रोहित शेट्टी के घर और उसके आसपास के इलाके की कई दिनों तक रेकी की थी। खास बात यह है कि रेकी उसी स्कूटर से की गई, जिसका इस्तेमाल फायरिंग के बाद फरार होने के लिए किया गया। घटना के दिन अज्ञात शूटर ने पांच राउंड फायरिंग की और तुरंत उसी स्कूटर पर सवार होकर मौके से फरार हो गया।

स्टेशन पर स्कूटर छोड़ ट्रेन से भागा शूटर

पुलिस जांच में सामने आया कि फायरिंग के बाद शूटर विले पार्ले रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां उसने स्कूटर छोड़ दिया और ट्रेन के जरिए मुंबई से बाहर निकल गया। इस तरह हमले के बाद उसने अपने सुराग मिटाने की पूरी कोशिश की। जांच में यह भी पता चला है कि वारदात में इस्तेमाल स्कूटर पुणे से 30 हजार रुपये में खरीदा गया था। यह स्कूटर मूल रूप से आनंद मारोटे के नाम पर रजिस्टर्ड था, जिसने इसे साल 2009 में खरीदा था। घटना से करीब 12 दिन पहले मारोटे ने यह स्कूटर गिरफ्तार आरोपी आदित्य गायकवाड़ को बेच दिया था। इस सौदे के लिए पैसे कथित मास्टरमाइंड शुभम लोनकर ने दिए थे।

मुंबई तक पहुंचाने में अहम भूमिका

पुलिस के अनुसार, समर्थ पोमाजी के निर्देश पर सिद्धार्थ येनपुरे और स्वप्नील सकट ने स्कूटर को पुणे से लोनावला लाने की कोशिश की थी। लेकिन शूटर के लोनावला न पहुंच पाने के कारण, स्कूटर को घटना से करीब 10 दिन पहले मुंबई लाकर अज्ञात शूटर को सौंप दिया गया। इसके बदले आरोपियों को अतिरिक्त पैसे भी दिए गए।

सिग्नल ऐप से होती थी प्लानिंग

जांच में सामने आया है कि समर्थ पोमाजी लगातार शुभम लोनकर के संपर्क में था और Signal ऐप के जरिए निर्देश ले रहा था। उसी के कहने पर फायरिंग की पूरी साजिश रची गई। हालांकि, स्कूटर मुंबई लाने वाले आरोपियों को यह तो पता था कि वे किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल हैं, लेकिन टारगेट रोहित शेट्टी का घर है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी।

अब तक पुलिस ने आदित्य गायकवाड़, सिद्धार्थ येनपुरे, समर्थ पोमाजी और स्वप्नील सकट को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, कथित मास्टरमाइंड शुभम लोनकर की तलाश जारी है। मुंबई क्राइम ब्रांच इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।

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