कभी रंजीता कौर घर के बाहर लगी रहती थी मेकर्स की लाइन, फिर एक गलती ने बदल दिया एक्ट्रेस का पूरा फिल्मी सफर

Ranjeeta Kaur Birthday: 70 के दशक में ऋषि कपूर और मिथुन चक्रवर्ती संग सुपरहिट फिल्में देने वाली एक्ट्रेस रंजीता कौर का फिल्मी करियर बेहद दिलचस्प रहा, लेकिन कुछ वजहों से उनका करियर खत्म हो गया।
Ranjeeta Kaur Birthday
रंजीता कौर (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Ranjeeta Kaur Career: 70 और 80 के दशक में बड़े पर्दे पर कई ऐसी एक्ट्रेसेस ने कदम रखा, जिन्होंने अपनी सादगी और बेहतरीन एक्टिंग से दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई। इन्हीं में से एक बड़ा नाम रंजीता कौर का भी है। फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट से एक्टिंग सीखकर आईं रंजीता ने साल 1976 में हरनामसिंह रवैल की फेमस फिल्म लैला मजनूँ से अपने करियर की शुरुआत की थी।

इस फिल्म में उनके हीरो ऋषि कपूर थे, जो उस दौर में फिल्म बॉबी की ऐतिहासिक सफलता के बाद एक बड़े स्टार बन चुके थे। मदनमोहन और जयदेव के म्यूजिक और साहिर लुधियानवी के लिखे सदाबहार गीतों ने इस फिल्म को ब्लॉकबस्टर बना दिया था। पहली ही फिल्म की शानदार सफलता ने रंजीता को रातों-रात फिल्म इंडस्ट्री में पहचान दिला दी।

मिथुन दा के साथ अफेयर के किस्से

करियर के उस दौर में रंजीता कौर ने एक्टर मिथुन चक्रवर्ती के साथ 'तराना' और 'सुरक्षा' जैसी कई पॉपुलर फिल्मों में काम किया। पर्दे पर दोनों की केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब पसंद किया, लेकिन जल्द ही उनके अफेयर के किस्से गलियारों में गूंजने लगे। बढ़ता स्टारडम और पर्सनल लाइफ की इन चर्चाओं के बीच संतुलन बनाना उनके लिए मुश्किल साबित होने लगा। इस दौर में मिले ज्यादा तनाव और गलत फैसलों की वजह से उनके करियर का चमकता हुआ ग्राफ धीरे-धीरे प्रभावित होने लगा।

Ranjeeta Kaur Birthday
रंजीता कौर (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)

गलत फैसलों की वजह से बिगड़ा करियर

सफलता की ऊचाइंयों पर पहुंचने के बाद रंजीता ने कुछ ऐसी फिल्मों को सलेक्ट कर लिया जो बॉक्स ऑफिस पर फ्लोप हो गईं। लगातार मिलती असफलताओं के कारण उनके बर्ताव में चिड़चिड़ापन और तुनकमिजाजी आने लगी।

फिल्मों में कुछ सीमाओं को तय करने और गलत प्रोजेक्ट्स के चयन से वह इंडस्ट्री में धीरे-धीरे पिछड़ती चली गईं। आखिरकार 90 के दशक तक आते-आते उन्होंने एक्टिंग की दुनिया से पूरी तरह संन्यास लेने का फैसला कर लिया और सिल्वर स्क्रीन से हमेशा के लिए ओझल हो गईं।

अमिताभ की मल्टीस्टारर फिल्मों तक का सफर

लैला मजनूँ के बाद रंजीता के पास कई बड़ी फिल्मों के ऑफर आने लगे। बीआर चोपड़ा की फिल्म पति पत्नी और वो में उन्होंने एक सीधी-सादी युवती का रोल निभाकर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। इसके बाद राजश्री प्रोडक्शंस की ब्लॉकबस्टर फिल्म अँखियों के झरोखों से में कैंसर से जूझती लड़की का भावुक रोल निभाया। मिथुन चक्रवर्ती के साथ फिल्म तराना में उनकी जोड़ी इतनी पॉपुलेरिटी मिली कि दोनों ने साथ में कई फिल्में कीं।

रंजीता ने अमिताभ बच्चन के साथ सुपरहिट फिल्म सत्ते पे सत्ता और विनोद खन्ना के साथ राजपूत जैसी बड़ी मल्टीस्टारर फिल्मों में भी अपनी एक्टिंग की छाप छोड़ी। अमोल पालेकर के साथ दामाद और मेरी बीवी की शादी जैसी हल्की-फुल्की कॉमेडी फिल्मों में भी उनके काम की खूब तारीफ हुई।

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रंजीता कौर की बेहतरीन एक्टिंग के लिए उन्हें 3 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नामांकित भी किया गया। फिल्म अँखियों के झरोखों से के लिए बेस्ट एक्ट्रेस तथा पति पत्नी और वो और तेरी कसम के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस की लिस्ट में उन्हें नामांकन मिला था। हालांकि इतने शानदार प्रदर्शन के बाद भी वे एक बार भी यह ट्रॉफी अपने नाम नहीं कर सकीं।

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