

Rajpal Yadav Check Bounce Case: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को सालों पुराने चेक बाउंस मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा था। दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए उन्हें तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी।
कोर्ट के फैसले के बाद अभिनेता की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन उनकी हालिया सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि बाद में एक्टर को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत भी मिल गई।
राजपाल यादव चेक बाउंस केस में पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर को 3 महीने की जेल की सजा सुनायी थी। लेकिन बाद में कोर्ट ने 2 महीने की राहत देकर सजा को आगे बढ़ाने का फैसला लिया।
कोर्ट के फैसले के बीच राजपाल यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अभिनेता अक्षय कुमार के साथ एक मसाला ब्रांड का विज्ञापन साझा किया। वीडियो में दोनों की कॉमिक केमिस्ट्री देखने को मिली। पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा, "क्योंकि खाना सिर्फ खाना नहीं होता है, महफिल में रंग जमाना भी होता है।"
हालांकि, पोस्ट पर फैंस ने जहां उनके काम की तारीफ की, वहीं कई लोगों ने चेक बाउंस मामले को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। कई प्रशंसकों ने अभिनेता को मजबूत बने रहने की सलाह दी और उनका समर्थन जताया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव की तीन महीने की जेल की सजा को बरकरार रखा। अदालत ने उनके आचरण को "संदिग्ध" बताते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही उनकी पत्नी राधा यादव को भी दोषी मानते हुए शिकायतकर्ता को 5,51,380 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। बताया जा रहा है कि राजपाल यादव इसी मामले में पहले भी जेल जा चुके हैं। इस वर्ष फरवरी में उन्हें जमानत मिली थी, लेकिन अब उन्हें फिर से सजा भुगतनी होगी।
यह मामला 2010 का है। राजपाल यादव ने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' के निर्माण के लिए एम/एस मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही और अभिनेता तय समय पर कर्ज नहीं चुका सके।
ब्याज जुड़ने के बाद बकाया राशि लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिसके बाद मामला अदालत में चला गया। फरवरी 2026 में भी इसी केस में उन्हें जेल जाना पड़ा था। उस दौरान फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने उनका समर्थन किया और आर्थिक मदद भी की थी। बावजूद इसके, कर्ज का विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका, जिसके चलते अब हाईकोर्ट ने सजा को बरकरार रखा है।