भूकंप के झटकों से ढहा पाकिस्तान स्थित राज कपूर की हवेली का एक हिस्सा, मरम्मत की उठी मांग

Kapoor Haveli का एक हिस्सा भूकंप और बारिश के कारण ढह गया। राज कपूर की इस ऐतिहासिक हवेली के संरक्षण को लेकर अधिकारियों ने चिंता जताई है और सरकार से तुरंत मरम्मत के लिए कदम उठाने की अपील की है।
Raj Kapoor Haveli Collapse Peshawar Pakistan earthquake ancestral house
राज कपूर का हवेली (फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Bollywood Actor Raj Kapoor Haveli Collapse: हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता राज कपूर की पाकिस्तान के पेशावर में स्थित पुश्तैनी हवेली एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में आए भूकंप और लगातार हो रही बारिश के चलते इस ऐतिहासिक इमारत का एक हिस्सा ढह गया है। इस घटना ने कपूर परिवार की विरासत को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज कपूर की हवेली पहले से ही जर्जर हालत में थी। लंबे समय से इसकी मरम्मत की मांग उठती रही है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। शुक्रवार रात आए भूकंप के तेज झटकों और भारी बारिश के कारण इसका एक बड़ा हिस्सा चकनाचूर हो गया। राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

अधिकारियों ने जताई चिंता

खैबर पख्तूनख्वा की विरासत परिषद के सचिव शकील वहीदुल्लाह ने इस घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि भूकंप के बाद हवेली की स्थिति और गंभीर हो गई है और अब इसके संरक्षण के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है। शकील वहीदुल्लाह ने सरकार और पुरातत्व विभाग से अपील की है कि इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए जल्द कार्रवाई की जाए।

100 साल पुरानी है हवेली

कपूर हवेली का निर्माण पृथ्वीराज कपूर के पिता देवान बशेश्वरनाथ कपूर ने 1918 से 1922 के बीच कराया था। राज कपूर की हवेली करीब 104 साल पुरानी है और इसमें लगभग 40 कमरे हैं। यही वह जगह है जहां राज कपूर और उनके भाई त्रिलोक कपूर का जन्म हुआ था। एक समय था जब राज कपूर की हवेली कपूर परिवार की गतिविधियों का केंद्र हुआ करती थी।

कभी रौनक से भरी थी हवेली

शम्मी कपूर और शशि कपूर भी यहां आकर समय बिताते थे। हालांकि 1947 के बंटवारे के बाद यह हवेली धीरे-धीरे वीरान होती चली गई। आज यह ऐतिहासिक इमारत अपनी बदहाल स्थिति के कारण गिरने के कगार पर है। ऐसे में अब यह देखना अहम होगा कि संबंधित अधिकारी और सरकार इस धरोहर को बचाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com