

Pranit More Apology On 370 Biryani Controversy: सोशल मीडिया के इस दौर में रातों-रात मशहूर होने की चाहत कई बार इंसानों को बड़ी मुसीबत में डाल देती है। ऐसा ही कुछ हुआ है देश के जाने-माने स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के साथ हुआ जो इन दिनों एक बेहद चर्चित विवाद के केंद्र में आ गए हैं। हाल ही में उनका एक लाइव शो का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद से लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था। हर तरफ से हो रही तीखी आलोचनाओं और बढ़ते कानूनी शिकंजे के बीच आखिरकार इस प्रणीत मोरे ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। प्रणीत मोरे ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर एक इमोशनल वीडियो शेयर करते हुए अपनी गंभीर भूल को स्वीकार किया है और जनता के सामने पूरी तरह से माफी मांगी है।
आपको बता दें कि इस पूरे घटनाक्रम पर आम लोगों के साथ-साथ कई जानी-मानी हस्तियों ने भी अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसके बाद प्रशासन फौरन हरकत में आ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने प्रणीत मोरे और शो के दौरान विवादित बयान देने वाले युवक हिमांशु जांगड़ा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इतना ही नहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस पूरे मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने दोनों ही आरोपियों को समन जारी कर तलब किया है, जिसके बाद कॉमेडियन के पास माफी मांगने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था।
यह पूरा विवाद गुरुग्राम में आयोजित एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान शुरू हुआ था, जहां मंच पर प्रणित मोरे दर्शकों से बातचीत कर रहे थे। वहीं इसी दौरान दर्शकों में बैठे हिमांशु जांगरा नाम के एक वेब डेवलपर ने अपनी पर्सनल लाइफ का एक किस्सा शेयर किया। हिमांशु ने बताया कि 'उन्होंने एक डेट के दौरान एक महिला के लिए 370 रुपये की चिकन बिरयानी खरीदी थी। इसके बाद जब महिला ने उन्हें घर छोड़ने के लिए कहा, तो हिमांशु ने कथित तौर पर बदले में शारीरिक संबंध बनाने की मांग की।' इस आपत्तिजनक बात को सुनकर मंच पर मौजूद कॉमेडियन प्रणित मोरे रोकने के बजाय जोर-जोर से हंसने लगे।
प्रणीत मोरे का ये वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर वायरल हुआ तो लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे महिला उत्पीड़न और बिना सहमति के दुर्व्यवहार को बढ़ावा देने वाला बताया। चारो तरफ की आलोचना झेलने के बाद प्रणित मोरे ने सोशल मीडिया पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
प्रणीत मोरे ने सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए कहा कि 'वह इस नफरत के हकदार हैं। प्रणित ने स्वीकार किया कि उस वक्त माहौल के बहाव में बह जाना उनकी एक बहुत बड़ी भूल थी। उन्होंने कहा कि वह चाहते तो उस व्यक्ति को वहीं रोक सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और उसे एक मंच दे दिया।'
370 बिरयानी वाला ये विवाद सोशल मीडिया की बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें अब प्रशासन और महिला आयोग भी शामिल हो चुके हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस घटना पर सख्त संज्ञान लेते हुए प्रणित मोरे और हिमांशु जांगरा दोनों को समन जारी किया है। आयोग का कहना है कि इस प्रकार का आचरण महिलाओं के प्रति यौन उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार को सही ठहराने की कोशिश करता है।
इस विवाद का असर हिमांशु के करियर पर भी पड़ा है और उन्हें उनकी नौकरी से निकाल दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ मुंबई के केईएम अस्पताल में एक मेडिकल छात्रा सेजल पवार द्वारा शवों के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में भी जांच शुरू हो गई है।
370 बिरयानी के विवाद पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी अपना रिएक्शन दिया है। सीएम फडणवीस ने स्पष्ट किया कि मनोरंजन के नाम पर किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
उन्होंने कहा कि हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार दूसरों के सम्मानपूर्वक जीने के हक का उल्लंघन करने का लाइसेंस नहीं बन सकता। मनोरंजन और कॉमेडी का एक सामाजिक दायित्व होता है, जिसे भूलना किसी भी कलाकार के लिए भारी पड़ सकता है।