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Mary Millben Slams Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से डरने का आरोप लगाने के बाद, अमेरिकी गायिका और सांस्कृतिक दूत मैरी मिलबेन (Mary Millben) ने सोशल मीडिया पर उन्हें तीखा जवाब दिया है। राहुल गांधी ने ट्रंप के उस दावे पर केंद्र सरकार की आलोचना की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया था।
इस सियासी टकराव के बीच, मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में जोरदार पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति ट्रंप से डरते नहीं हैं, और वह अमेरिका के साथ अपनी रणनीति पर ध्यान दे रहे हैं। जैसे अमेरिका हमेशा अपने देश के हितों को पहले रखता है, वैसे ही पीएम मोदी भी भारत के हितों के अनुसार ही काम करते हैं। मैं उनकी सराहना करती हूं।" उन्होंने आगे राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें ऐसी नेतृत्व शैली समझ नहीं आती और वह प्रधानमंत्री बनने के लिए सक्षम नहीं हैं।
मैरी मिलबेन के इस पोस्ट के बाद, कई भारतीय यूजर्स ने सोशल मीडिया पर उनकी बातों का समर्थन किया और प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की जमकर तारीफ की। यह देखकर अच्छा लगा कि एक अमेरिकी नागरिक भी पीएम मोदी की कूटनीति को समझता है।
सामाजिक कार्यकर्ता और राष्ट्रीय समन्वयक अभय उपाध्याय ने लिखा, "पीएम मोदी की समझदारी और दूर की सोच को कोई भी सच्चा देशभक्त ही समझ सकता है। लेकिन कुछ लोग दिल से भारत से जुड़े नहीं हैं, इसलिए वे इसे समझ नहीं पाएंगे।" उन्होंने आगे कहा कि मैरी मिलबेन का जवाब देना यह दिखाता है कि पीएम मोदी की कूटनीति को वैश्विक स्तर पर सराहा जा रहा है।
किसान और युवा समर्थक क्षितिज कोहली ने मैरी मिलबेन का समर्थन करते हुए कहा, "पीएम मोदी लोकप्रियता के लिए नहीं, बल्कि भारत के दीर्घकालिक फायदे के लिए काम करते हैं, और यही सच्चा नेतृत्व है।" वहीं, तकनीकी पेशेवर गौरव भारद्वाज ने प्रधानमंत्री मोदी को एक दूरदर्शी नेता बताया जो अमेरिका की नीतियों को समझते हैं। उन्होंने कहा कि "ट्रंप जल्द ही राजनीति से बाहर हो जाएंगे, लेकिन भारत को अमेरिका के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखने होंगे।"
अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस बात पर जोर दिया कि सच्चा नेतृत्व डर या दिखावे की बात नहीं है, बल्कि यह रणनीति, दूरदर्शिता, और देश के हित को पहले रखने की बात है। उनका इशारा राहुल गांधी की आलोचना की ओर था। यूजर्स ने कहा कि पीएम मोदी का रूस से तेल खरीदने का निर्णय भारत के राष्ट्रीय हित में था, और उनकी विदेश नीति इसी सिद्धांत पर आधारित है, जिसे समझना जरूरी है।
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