Lock Upp 2 Controversy: धीरज धूपर के लिए बदले नियम? सोशल मीडिया पर मचा बवाल

Lock Upp 2 Dheeraj Dhoopar: लॉक अप 2 के हाल ही के एपिसोड ने सोशल मीडिया पर एक नया बवाल खड़ा कर दिया है। एक्टर धीरज धूपर से जुड़े एक मामले ने मेकर्स की नीयत और निष्पक्षता की हवा निकाल दी है।
Dheeraj Dhoopar Lock Upp 2
धीरज धूपर (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Lock Upp 2 Dheeraj Dhoopar Controversy: नेटफ्लिक्स के फेमस रियलिटी शो लॉक अप 2 के हाल ही के एपिसोड ने सोशल मीडिया पर एक नया बवाल खड़ा कर दिया है। जेल के कड़े नियमों और अनुशासित माहौल का दावा करने वाले इस शो की निष्पक्षता पर अब दर्शक खुद सवाल खड़े कर रहे हैं।

टीवी के जाने-माने एक्टर धीरज धूपर से जुड़े एक मामले ने मेकर्स की नीयत और निष्पक्षता की हवा निकाल दी है। दर्शकों का आरोप है कि लॉक अप 2 के आयोजक अपने पसंदीदा प्रतियोगियों को बचाने के लिए नियमों को ताक पर रख रहे हैं।

जेल की चारदीवारी के भीतर आखिर ऐसा क्या हुआ

हाल ही के एपिसोड में दर्शकों ने देखा कि धीरज धूपर को जेल के कड़े नियमों से हटकर अपने छोटे बेटे से मिलने की अनुमति दी गई थी। एक पिता और मासूम बच्चे का मिलना बेहद भावुक करने वाली थी।

हालांकि विवाद तब शुरू हुआ जब शो के जेलर रितेश देशमुख ने कैदियों के सामने एक बड़ा खुलासा किया। रितेश ने बताया कि इस मुलाकात की आड़ में बाहर से एक सिक्रेट मैसेज यानी चिट अंदर भेजने की कोशिश की गई थी।

दो बार नियम टूटने पर भी क्यों नहीं मिली सजा

रितेश देशमुख के इस खुलासे के बाद जेल का माहौल पूरी तरह से गर्मा गया। हैरान करने वाली बात यह रही कि बाहरी चिट अंदर लाने की यह कोशिश एक बार नहीं बल्कि दो अलग-अलग मौकों पर किया गयी थी। लॉक अप 2 के नियमों के मुताबिक यह एक बेहद गंभीर उल्लंघन माना जाता है।

इसके बावजूद धीरज के खिलाफ कोई कड़ा प्रशासनिक कदम नहीं उठाया गया। उन्हें न तो कोई सजा मिली और न ही इस हफ्ते के लिए बेघर होने वाली अनसेफ लिस्ट में डाला गया। रितेश देशमुख जेलर के दफ्तर में बुलाए जाने पर धीरज काफी असहज दिखाई दिए और उन्होंने अपने परिजनों से दोबारा ऐसा न करने का अनुरोध किया, लेकिन दर्शकों की नजर में यह सब महज एक औपचारिकता बनकर रह गया।

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सोशल मीडिया पर मेकर्स के खिलाफ क्यों भड़का गुस्सा

जैसे ही यह विवादित एपिसोड स्ट्रीम हुआ, सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। दर्शकों ने सवाल उठाया कि जब लॉक अप-2 की पूरी अवधारणा ही बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटे रहने पर टिकी है, तो फिर धीरज को अपने परिजनों से मिलने की छूट क्यों दी गई।

कई यूजर्स ने खुलकर आरोप लगाया कि मेकर्स साफ तौर पर पक्षपात कर रहे हैं और टीआरपी के चक्कर में कायदे-कानून बदल दिए जाते हैं। लोगों का कहना था कि इतनी बड़ी लापरवाही के बाद कम से कम उन्हें सजा के तौर पर इस हफ्ते नामांकित तो किया जाना चाहिए था।

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