माहिम में समुद्र तट के पास कवि प्रदीप ने लिखी थी 'ऐ मेरे वतन' की पंक्ति

दिग्गज कवि प्रदीप जन्म 6 फरवरी 1951 को हुआ था। कवि का असली नाम रामचंद्र नारायण द्विवेदी था। प्रदीप ने सातवीं तक की पढ़ाई इंदौर के शिवाजी राव हाईस्कूल से की थी। प्रदीप जब इलाहाबाद के दारागंज हाई स्कूल में पढ़ाई करते थे।
माहिम में समुद्र तट के पास कवि प्रदीप ने लिखी थी 'ऐ मेरे वतन' की पंक्ति
कवि प्रदीप (फोटो-सोशल मीडिया)
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मुंबई: दिग्गज कवि प्रदीप ने देशभक्ति से परिपूर्ण कई गीतों की रचना की थी। उनके गीतों को हमने काफी दिल से सुना है। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर इनके लिखे गीतों को सुनकर देशभक्ति की याद आती है। इतना ही नहीं जब भारत-चीन युद्ध के दौरान अपने जवानों की शहादत को सलाम करने के लिए एक रचना की गई थी, ऐ मेरे वतन के लोगों, जरा आंख में भर लो पानी, इस गीत के रचनाकार कवि प्रदीप थे।

कवि प्रदीप का जन्म 6 फरवरी 1951 को मध्यप्रदेश के उज्जैन में बड़नगर नाम के एक क़स्बा में हुआ था। कवि प्रदीप का असली नाम रामचंद्र नारायण द्विवेदी था। उनके पिता का नाम नारायण भट्ट था। प्रदीप ने शुरुआती सातवीं तक की पढ़ाई इंदौर के शिवाजी राव हाईस्कूल से की थी। प्रदीप जब इलाहाबाद के दारागंज हाई स्कूल में पढ़ाई करते थे, तब वह कई साहित्यकारों के संपर्क में आ गए थे। ऐसा इसलिए हुआ था, उस समय दारागंज साहित्य का गढ़ होता था।

साल 1933 से लेकर 1935 के बीच प्रदीप का साहित्यक दृष्टिकोण विकसित होता रहा। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए प्रदीप लखनऊ विश्वविद्यालय चले गए। यही से उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। तब तक वह काव्य लेखन और वाचन में हाथ आजमाने लगे थे और देखते ही देखते नामी गीतकार बनते गए। यह साल 1962 के आखिर की बात है। प्रदीप एक दिन मुंबई में माहिम में सागर के किनारे टहल रहे थे।

जब देश चीन के साथ युद्ध की त्रासदी से गुजर रहा था। टहलते-टहलते कवि प्रदीप के मन में कुछ खयालात उभरे और उन्होंने एक व्यक्ति से कलम मांग ली। सिगरेट के डिब्बे में लगे सिगरेट लपेटने वाले कागज पर कुछ पंक्तियां लिख लीं। इसके कुछ सप्ताह बाद कवि प्रदीप के पास जाने-माने फिल्मकार महबूब खान का फोन आया कि युद्ध को देखते हुए दिल्ली में एक चैरिटी प्रोग्राम होना है। इसके लिए एक गीत लिख दें। कवि प्रदीप ने सिगरेट की डिब्बी पर लिखी गईं उन्हीं पंक्तियों को बढ़ाकर गीत पूरा कर दिया। प्रदीप ने एक इंटरव्यू में इस बात का जिक्र किया था।

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