बिजली गुल...7 घंटे विजय के इंतजार में भीड़ बेहाल, भूख-प्यास से तड़पे लोग, ऐसी है भगदड़ की कहानी

Tamil Nadu Karur Stampede News: करूर भगदड़ मामले ने हर किसी को झकझोर दिया है और अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही दर्जनों लोग घायल है। ऐसे में चलिए जानते हैं भगदड़ का मुख्य कारण क्या है...
karur rally stampede
करूर भगदड़ मामला (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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Vijay Rally Stampede News: तमिलनाडु के करूर में शनिवार को अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) की रैली भारी अफरातफरी में बदल गई। इस घटना में अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हैं। पुलिस महानिदेशक जी. वेंकटरामन ने बताया कि रैली स्थल तक विजय की देरी और भीड़ का लगातार बढ़ता जाना मुख्य कारण था। हालांकि, शुरुआती जांच में यह सामने आया कि रैली के लिए दोपहर 12 बजे से 3 बजे का समय तय किया गया था, लेकिन विजय शाम 7 बजे के बाद पहुंचे। इस वजह से कई घंटे से इंतजार कर रही भीड़ भूख-प्यास और धूप से परेशान हो गई।

दरअसल, भीड़ में पानी की मांग और लोगों के बेहोश होने के बीच विजय ने अपने भाषण को रोकते हुए एम्बुलेंस को मार्ग देने की अपील की, लेकिन हालात नियंत्रण से बाहर हो गए। रैली के अंत के करीब बिजली कट गई, जिससे पहले से जमा भीड़ बेकाबू हो गई और उससे भगदड़ मची। साथ ही सड़कें और सुरक्षा इंतजामों की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। अधिकारियों ने अब तक टीवीके के दो नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और एक जांच कमेटी का गठन किया गया है। इसके अलावा टीवीके की टीम ने इस घटना को साजिश बताया है।

बेकाबू भीड़ के कारण मचा भगदड़

बता दें, रैली स्थल पर लगभग 50 हजार लोग एक्टर की झलक पाने के लिए जुट गए थे, जबकि आयोजकों ने 10 हजार लोगों की उम्मीद जताई थी। भीड़ की अधिकता, संकरी सड़कें, पानी और भोजन की कमी, और बिजली कटौती ने त्रासदी को जन्म दिया। भगदड़ के दौरान लोग सड़क किनारे नाले में गिर गए, छप्पर की छतों पर चढ़े और कुछ लोग कुचले गए। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन तब तक कई लोगों की जान जा चुकी थी।

पीड़ितों के परिवार ने लगाया आरोप

पीड़ितों के परिवारों ने बताया कि मदद के लिए कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। विनोद कुमार ने कहा कि उनकी भाभी और दो बच्चे मौके पर ही दम तोड़ गए। अन्य पीड़िता जयंती और उनके बेटे अश्विन कुमारन भी इस त्रासदी में मारे गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और पार्टी कार्यकर्ताओं ने पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। वहीं थलपति विजय ने सोशल मीडिया पर पीड़ितों के प्रति शोक व्यक्त किया और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन भी चेन्नई से करूर पहुंचे और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया। साथ ही उन्होंने भगदड़ में मारे जाने वालों के लिए 20-20 लाख रुपये और घायलों के लिए 2-2 लाख रुपये का ऐलान भी किया है।

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