न झुकने का सिलसिला जारी रहे...तमिलनाडु विधानसभा के फैसले पर कमल हासन का बड़ा बयान

Kamal Haasan Tamil Nadu State Song: तमिलनाडु विधानसभा द्वारा 'तमिल थाई वाझथु' को सरकारी कार्यक्रमों में प्राथमिकता देने का प्रस्ताव पूर्ण सहमति से पारित होने पर एक्टर कमल हासन ने इसका स्वागत किया है।
Kamal Haasan Tamil Nadu State Song
कमल हासन(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Tamil Nadu Assembly Resolution: साउथ राजनीति और सिनेमा के जाना-माना चेहरा कमल हासन ने तमिलनाडु विधानसभा में पारित हुए एक अहम फैसले पर अपना फौरन रिएक्शन दिया है। विधानसभा ने राज्य के आधिकारिक गीत 'तमिल थाई वाझथु' को लेकर एक सर्वसम्मति प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें निर्देश दिया गया है कि सभी सरकारी कार्यक्रमों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक समारोहों में सबसे पहले राज्य गीत गाया जाना जरूरी होगा।

इस फैसले का सपोर्ट करते हुए एक्टर और राज्यसभा सांसद कमल हासन ने कहा कि अपनी सांस्कृतिक पहचान और राज्यों के अधिकारों के लिए दृढ़ता से खड़े रहने का यह रुख बेहद सराहनीय है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके इस फैसले को तमिल भाषा के प्रति सर्वोच्च सम्मान करार दिया है।

'तमिल थाई वाझथु' पर कमल हासन ने जताई खुशी

मक्कल निधि मय्यम के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमल हासन ने सोशल मीडिया के जरिए विधानसभा के इस कदम की दिल खोलकर प्रशंसा की। उन्होंने लिखा कि सरकारी आयोजनों में तमिल भाषा के प्रार्थना गीत को पहला स्थान देने का यह निर्णय बेहद उत्साहवर्धक और स्वागत योग्य है।

कमल हासन ने साफ किया कि केंद्र और राज्यों के बीच अधिकारों के संतुलन में राज्यों को अपने सांस्कृतिक अधिकारों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह परंपरा भविष्य में भी बिना किसी समझौते के जारी रहनी चाहिए।

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मुख्यमंत्री और अन्य प्रमुख दलों का मिला सपोर्ट

तमिलनाडु विधानसभा में इस प्रस्ताव को लाते समय राज्य के मुख्यमंत्री ने भी भाषा और संस्कृति के महत्व पर गहरा विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तमिल केवल एक भाषा मात्र नहीं है बल्कि यह एक पूरी सभ्यता, विचार प्रक्रिया और तमिल जनता की भावना का प्रतीक है।

सी. जोसेफ विजय (थलापति विजय) मुख्यमंत्री ने साफ किया कि तमिल भाषा को पहला स्थान देना राज्य का संवैधानिक अधिकार है। इस ऐतिहासिक प्रस्ताव को सत्तारूढ़ दल के साथ-साथ विपक्षी दल एआईएडीएमके और कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक पार्टियों का पूरा सपोर्ट मिला। सभी दलों ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि तमिल भाषा और अस्मिता के मुद्दे पर पूरा राज्य एक साथ खड़ा है।

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