Mamta Kulkarni Birthday: फिल्मी चकाचौंध से साध्वी तक, जानें कैसी थी ममता कुलकर्णी की स्पिरिचुअल यात्रा

ममता कुलकर्णी 90 दशक की मशहूर अभिनेत्रियों में से एक है। एक्ट्रेस कई फिल्मों में अपनी मुख्य भूमिका निभाकर लोगों के दिलों में अपनी जगह बना चुकी है। साल 1992 में ममता अपने फिल्मी करियर की शुरुआत  फिल्म 'तिरंगा' से की थी।
Mamta Kulkarni Birthday: फिल्मी चकाचौंध से साध्वी तक, जानें कैसे था ममता कुलकर्णी की स्पिरिचुअल यात्रा
ममता कुलकर्णी (सौ.सोशल मीडिया)
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मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी का जन्म 20 अप्रैल 1972 को मुंबई में एक मराठी परिवार में हुआ था। ममता कुलकर्णी आज अपना 53वां जन्मदिन मना रही है। अपनी खूबसूरती, अदाकारी के लिए मशहूर ममता ने न सिर्फ दर्शकों के दिलों में जगह बनाई, बल्कि बॉलीवुड के सुनहरे दौर में कई हिट फिल्में भी दीं। हालांकि आज ममता फिल्मों से दूर हैं, लेकिन उनकी जिंदगी का सफर एक फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा, जहां ग्लैमर से निकलकर उन्होंने आध्यात्म की राह पकड़ ली।

ममता कुलकर्णी ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1992 में फिल्म ‘तिरंगा’ से की। इसके बाद 1993 में आई फिल्म ‘आशिक आवारा’ में उनकी मुख्य भूमिका ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। इस फिल्म के लिए उन्हें 'लक्स न्यू फेस ऑफ द ईयर' का फिल्मफेयर अवार्ड भी मिला। इसके बाद ममता ने ‘करण अर्जुन’, ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’, ‘बाजी’, ‘चाइना गेट’, ‘क्रांतिवीर’, ‘नसीब’ जैसी दर्जनों फिल्मों में अभिनय किया और बॉलीवुड की टॉप अभिनेत्रियों में शुमार हो गईं। वह अपने दौर की सबसे ग्लैमरस और बोल्ड अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं।

विवादों से बनी सुर्खियां

ममता का करियर जितना शानदार रहा, उनकी निजी जिंदगी उतनी ही विवादों में रही। एक वक्त ऐसा आया जब उन पर अंडरवर्ल्ड से संबंध रखने के आरोप लगे। खासतौर पर जब उनके ड्रग माफिया विक्की गोस्वामी से कथित रिश्तों की खबरें सामने आईं और कहा गया कि उन्होंने केन्या में विक्की से शादी कर ली है। हालांकि ममता ने इन सभी आरोपों को सिरे से नकारा और मीडिया से दूरी बना ली। उनका टॉपलेस फोटोशूट भी उस दौर में काफी विवादों का विषय बना, जिससे उनकी छवि और अधिक चर्चा में आ गई। मनोरंजन से जुड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

आध्यात्म की ओर रुख

विवादों और ग्लैमर की दुनिया से दूर ममता कुलकर्णी ने अचानक एक नया अवतार लिया। साल 2014 में उन्होंने अपनी आत्मकथा ‘ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगिनी’ लॉन्च की। इस किताब के साथ उन्होंने खुद को सार्वजनिक रूप से एक साध्वी के रूप में प्रस्तुत किया। माथे पर चंदन का तिलक, साध्वी वस्त्र और शांत चित्त वाली ममता को देख हर कोई हैरान रह गया। उन्होंने घोषणा की कि वे अब आध्यात्म के मार्ग पर हैं और फिल्मी दुनिया से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उनका कहना है कि उन्हें अब बाहरी दुनिया की चकाचौंध नहीं, बल्कि आत्मिक शांति की तलाश है।

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